सिरमौर में नदी-नालों के किनारे मौत से खेल रहे लोग, प्रशासन ने जांच बैठाई, कार्रवाई के निर्देश
मंडी में हुई जलप्रलय जैसी तबाही के बावजूद सिरमौर में लोग खड्डों और नालों के किनारे घर बनाकर मौत को दावत दे रहे हैं। नाहन क्षेत्र की जड़जा खड्ड और मोगीनंद सलानी ब्रिज के पास फिर से अवैध बस्तियां बसने लगी हैं। प्रशासन ने अब इस पर सख्ती दिखाते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
सिरमौर / कौंला वाला भूंड
जड़जा खड्ड और मोगीनंद में फिर से बसने लगी अवैध बस्तियां
नाहन विधानसभा क्षेत्र के बिरोजा फैक्ट्री से कौंला वाला भूंड मार्ग पर स्थित जड़जा खड्ड के दोनों किनारों पर कई घर बन चुके हैं। कुछ निर्माण तो खड्ड के बिल्कुल मुहाने पर किए गए हैं। वहीं, खड्ड के दूसरी ओर प्लॉटिंग भी कर दी गई है, जो आपदा प्रबंधन नियमों का सीधा उल्लंघन है।
प्लॉट पास, बिजली-पानी कनेक्शन पर भी उठे सवाल
प्रशासन की अनुमति के बिना इस क्षेत्र में घरों का निर्माण और प्लॉट बेचे जाना सवालों के घेरे में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन घरों को बिजली और पानी की सुविधा किस आधार पर प्रदान की गई है।
सलानी खड्ड में फिर कब्जा, पिछले वर्ष हटाए गए लोग दोबारा लौटे
मोगीनंद वंडर प्रोडक्ट फैक्ट्री से आगे स्थित बड़ी बरसाती खड्ड में बंगाला जाति के लोग फिर से तंबू लगाकर रहने लगे हैं। जबकि बीते वर्ष प्रशासन ने उन्हें यहां से हटाया था, लेकिन अब दोबारा इस जगह को स्थाई ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन एक्शन मोड में, एसडीएम को सौंपी जांच
डीसी प्रियंका वर्मा ने बताया कि नदी-नालों के किनारे हो रहे अवैध निर्माण को हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम नाहन राजीव संख्यान को नियुक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी कर बनाए गए निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को होगी स्पॉट विजिट
एसडीएम राजीव संख्यान ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि शनिवार को खुद मौके पर जाकर निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही सभी उपमंडल अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए गए हैं।
अब देखना यह है कि सिरमौर प्रशासन चेतावनी को जमीन पर उतारता है या हालात मंडी जैसी त्रासदी को दोहराने देते हैं।