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सुक्खू सरकार के पास दिल्ली के राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए संसाधनों की कमी नहीं, लेकिन हिमाचल की जनता को सुविधाएं देने में बहाने: राकेश डोगरा

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

अस्पतालों में टेस्ट मशीनें नहीं, किसान-बागवान बीज और खाद के लिए परेशान; एसआईआर के विरोध पर भी कांग्रेस को घेरा

हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने और सरकारी मशीनरी व धन का इस्तेमाल करने के पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन जब हिमाचल की जनता को स्वास्थ्य, कृषि और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात आती है तो सरकार संसाधनों की कमी का रोना रोने लगती है।

राकेश डोगरा ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों के जरूरी टेस्ट करने के लिए मशीनों तक की कमी है। गरीब मरीज बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं। दूसरी ओर किसान और बागवान गेहूं के बीज के लिए परेशान हैं। उन्हें महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है और सरकारी सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार की प्राथमिकता आम जनता का स्वास्थ्य, किसानों की आजीविका और बागवानों की आर्थिक सुरक्षा होनी चाहिए, वह इन बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रही है।

डोगरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर अस्पतालों में जरूरी जांच सुविधाओं की कमी है और दूसरी ओर किसान-बागवान बीज, खाद तथा सब्सिडी के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक गतिविधियों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया कि सरकार की जवाबदेही दिल्ली के राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रति है या हिमाचल प्रदेश की साढ़े 75 लाख जनता के प्रति?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार से मांग की कि राजनीतिक यात्राओं और दिखावे से ऊपर उठकर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए, सरकारी अस्पतालों में आवश्यक टेस्ट मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं तथा किसानों और बागवानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और उचित सब्सिडी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को भाषणों और घोषणाओं के बजाय बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है।