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सुख सरकार की ट्रेनी पॉलिसी से युवाओं में असुरक्षा और भ्रष्टाचार का डर : सतपाल सिंह सती

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 22 Jul 2025 • 1 Min Read

भाजपा विधायक सतपाल सिंह सती ने प्रदेश सरकार की नई जॉब ट्रेनी पॉलिसी को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताते हुए कहा कि यह योजना न केवल असुरक्षा फैलाएगी बल्कि भ्रष्टाचार और पक्षपात को भी जन्म दे सकती है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

भर्ती में पारदर्शिता को लेकर जताई चिंता
सतपाल सिंह सती ने कहा कि इस नई पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश सरकार ग्रुप-ए, बी और सी के पदों पर नियमित भर्ती की जगह दो वर्ष की ट्रेनिंग का विकल्प दे रही है। लेकिन युवाओं को इस ट्रेनिंग के बदले पेंशन, अवकाश और अन्य लाभ नहीं मिलेंगे, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

स्वायत निकायों की भूमिका पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में स्वायत्त निकायों और एजेंसियों की भूमिका स्पष्ट नहीं है, जिससे भ्रष्टाचार या राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका बढ़ जाती है।

नियमितीकरण की कोई गारंटी नहीं
सती ने कहा कि युवाओं को दो साल तक प्रशिक्षण देने के बाद भी नियमितीकरण की कोई पक्की गारंटी नहीं है, जो कि उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल देगा।

सरकार पर लगाए विफलता के आरोप
उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार अपने पूरे कार्यकाल में केवल 900 नियमित नियुक्तियां ही दे पाई है और बाकी सभी नियुक्तियां वन मित्र जैसे अस्थायी आधार पर हुई हैं।

दूसरी बार टेस्ट की अनिश्चितता
सती ने सवाल उठाया कि जब दो साल के अनुबंध कर्मियों को भी नियमित करने में सरकार को तीन साल लग जाते हैं, तो इस ट्रेनिंग के बाद दोबारा टेस्ट लेने की प्रक्रिया कितनी लंबी होगी?

युवाओं में मानसिक दबाव और असुरक्षा
सती ने कहा कि सरकार की इस नीति से युवाओं में मानसिक तनाव, असुरक्षा और असंतोष बढ़ेगा। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से युवा विरोधी नीति करार दिया।