सैनिक कीट नियंत्रण : मक्की की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले सैनिक कीट पर नियंत्रण के लिए जिला सोलन में ठोस कदम उठाए गए हैं। जिला व खण्ड स्तर पर समितियों का गठन कर किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
सोलन
कृषि विभाग ने सभी क्षेत्रों में जिम्मेदार अधिकारी किए नियुक्त
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जिला स्तर पर विशेषज्ञों की टीम सक्रिय
सैनिक कीट के प्रभाव को कम करने और मक्की की फसल की रक्षा के लिए जिला सोलन में जिला व खण्ड स्तर पर नियंत्रण समितियां गठित की गई हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि यह समितियां लगातार निगरानी रखेंगी और किसानों को समय रहते सहायता प्रदान करेंगी। जिला स्तर पर सोलन क्षेत्र के लिए डॉ. अरुण कुमार, कंडाघाट के लिए डॉ. अनुराग शर्मा को संपर्क सूत्र बनाया गया है।
खण्ड स्तर पर सभी क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ अधिकारी तैनात
सोलन क्षेत्र के लिए डॉ. जोगिन्द्र पाल और डॉ. किरण कौशल, कंडाघाट क्षेत्र के लिए डॉ. अंजलि और डॉ. तिलक राज, कुनिहार क्षेत्र के लिए डॉ. टेक सिंह, डॉ. मनोज, दया चंद व अमर सिंह, नालागढ़ क्षेत्र के लिए डॉ. संदीप गौतम, डॉ. भोपाल और डॉ. अश्वनी कुमार, जबकि धर्मपुर क्षेत्र के लिए डॉ. ईशान मेहता, डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. रमेश को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों की समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान प्रदान करेंगे।
किसानों को कीट की पहचान और नियंत्रण की जानकारी दी जाएगी
कृषि विभाग द्वारा गठित यह समितियां किसानों, पंचायतों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और फसल बीमा कर्मचारियों के सहयोग से जागरूकता शिविर आयोजित करेंगी। इन शिविरों में सैनिक कीट की पहचान, उसके प्रभाव और उससे बचाव के उपायों पर जानकारी दी जाएगी। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि किसी भी स्थिति में किस अधिकारी से संपर्क करना है।
संपर्क व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
पूरे अभियान की निगरानी कृषि उपनिदेशक डॉ. देव राज कश्यप और अधीक्षक हरिंद्र मलिक करेंगे। यदि किसी किसान को सैनिक कीट के लक्षण अपनी मक्की की फसल में नजर आते हैं, तो वह तुरंत संबंधित क्षेत्र की समिति से संपर्क कर उचित सहायता प्राप्त कर सकता है।
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