स्वर्ण जयंती आश्रय योजना से ऊना जिले में अब तक 190 मकानों को मिली आर्थिक सहायता
ऊना/वीरेंद्र बन्याल।
सरकारी मदद से साकार हुआ सपना
गरीब परिवारों के लिए पक्का घर बनाना अक्सर एक अधूरा सपना रह जाता है, लेकिन हिमाचल सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना ने इसे हकीकत में बदल दिया है। हरोली विधानसभा क्षेत्र के बाथड़ी गांव की 34 वर्षीय रजनी देवी ने बताया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर से पानी टपकने और गिरने के डर से जीवन मुश्किल था। पति के निधन के बाद मनरेगा में काम करके परिवार पालने वाली रजनी को घर बनाने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन सरकारी सहायता से अब उनके पास पक्का आशियाना है।
ऊना में 2.85 करोड़ की मदद से बने 190 मकान
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि बीते दो वर्षों में ऊना जिले में इस योजना के तहत 190 मकानों के लिए 2.85 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इससे गरीब परिवारों को न केवल छत मिली है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी बड़ा बदलाव आया है।
योजना की पात्रता और लाभ
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र परिवारों को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके नाम पर भूमि दर्ज है और वे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते हैं। योजना का उद्देश्य वंचित वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
प्रशासन की पहल
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन गंभीर प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।