डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार पर कर्ज और करों के जरिए आर्थिक दबाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने महंगाई और विकास कार्यों के ठप होने को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
शिमला
कर्ज से आर्थिक स्थिति कमजोर होने का आरोप
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डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने भारी कर्ज लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने कांग्रेस को प्रदेश का भाग्य सुधारने के लिए चुना था, लेकिन सरकार जनता को राहत देने के बजाय राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने लगभग 40–45 महीनों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जिससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है।
केंद्र से मिली वित्तीय सहायता का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल को रिकॉर्ड वित्तीय सहायता प्रदान की है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के लिए धन, फोरलेन हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, पुल, टनल तथा रेलवे विस्तार जैसी परियोजनाओं के लिए अभूतपूर्व सहयोग मिला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से 2025 के बीच केंद्र से लगभग 89 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिली, जबकि 2005 से 2015 के बीच यह राशि लगभग 18 हजार करोड़ रुपये रही।
महंगाई और कर वृद्धि पर सवाल
उन्होंने कहा कि इतनी सहायता मिलने के बावजूद प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी है और सरकार नए कर लगाकर जनता पर बोझ डाल रही है। एचआरटीसी किराया वृद्धि, बिजली दरों में बढ़ोतरी, नए मीटरों से अधिक बिल, सीमेंट व राशन महंगे होने तथा डीजल पर वैट बढ़ने से महंगाई बढ़ी है।
विकास कार्य ठप होने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों को गति देने के बजाय जनता को परेशानी में डाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जागरूक जनता स्थिति को देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।
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