हिमाचल पहला राज्य बना जिसने 6,000 अनाथ बच्चों को दिया सरकारी संरक्षण : विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया
ऊना में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मार्च पास्ट की सलामी ली और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिमाचल सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश में मिसाल कायम कर रहा है और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में 6,000 अनाथ बच्चों को सरकारी संरक्षण देने वाला पहला राज्य बन चुका है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
अनाथ बच्चों के लिए संवेदनशील पहल
पठानिया ने बताया कि सरकार अब माता-पिता की भूमिका निभाते हुए 27 वर्ष की आयु तक इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च वहन कर रही है। आत्मनिर्भर बनाने के बाद इन्हें मकान निर्माण के लिए 3 बिस्वा भूमि भी दी जाएगी। यह कदम न केवल मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक है, बल्कि हिमाचल को एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
विकास के साथ चुनौतियों से सतर्क रहने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि हिमाचल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। नीति निर्माण में इस बात का ध्यान रखा जाए कि विकास से रिहायशी क्षेत्रों और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
वीरों का बलिदान और आपदा राहत
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल के वीर जवानों का योगदान देश की सुरक्षा में अमूल्य है, विशेषकर ऊना जिले के शहीदों का बलिदान प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि 2023 की भयंकर आपदा में प्रभावितों के लिए 4,500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया गया और मुआवजा सात गुना तक बढ़ाया गया।
युवाओं और समाजसेवियों को मिली सराहना
समारोह में सामाजिक कार्यकर्ताओं, उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों, आपदा में सहयोग करने वाले नागरिकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक झांकियों ने समारोह में चार चांद लगाए।