हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के तहत प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि राज्य में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) और राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति (एसएलओसी) का गठन किया गया है। ये समितियां पुलिस थानों में लगे कैमरों की लोकेशन, उनकी स्थिति और रखरखाव की निगरानी करेंगी।
जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) को सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति कैमरों के संचालन की जांच करेगी, मरम्मत की आवश्यकता की पहचान करेगी और मासिक रिपोर्ट राज्य स्तरीय समिति (एसएलओसी) को भेजेगी। इसके अलावा, पुलिस थानों के फुटेज की समीक्षा करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह बनाम बलजीत सिंह मामले में दिए गए निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इन निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक पुलिस थाने के प्रवेश और निकास बिंदु, मुख्य द्वार, लॉकअप, लॉबी, बरामदे, सब-इंस्पेक्टर का कार्यालय, लॉकअप रूम के बाहर, पुलिस परिसर, शौचालय और पिछले हिस्से को सीसीटीवी की निगरानी में लाया जाना चाहिए।
एसएलओसी का कार्य सीसीटीवी कैमरों की खरीद, उनकी स्थापना और उनके लिए बजट प्रबंधन करना है। समिति कैमरों की नियमित निगरानी और खराब पड़े उपकरणों की मरम्मत सुनिश्चित करेगी। साथ ही, डीएलओसी से प्राप्त शिकायतों और मासिक रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी ताकि समय पर समस्याओं का समाधान हो सके।
अदालत ने कहा कि यह सुनिश्चित करना एसएलओसी की जिम्मेदारी है कि सभी सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हों और खराब पड़े उपकरणों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। इस दिशा में डीएलओसी और एसएलओसी के बीच समन्वय के लिए मासिक रिपोर्टिंग प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है।
याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला द्वारा इस अहम मुद्दे को अदालत में उठाने के प्रयासों की सराहना की गई। अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था प्रभावी और सुचारू बनी रहे।