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हिमाचल प्रदेश में 17वें दिन भी प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी, सरकार पर अनदेखी का आरोप

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 12 May 2025 • 1 Min Read

शिमला

प्राथमिक शिक्षकों ने निलंबन और पुलिस कार्रवाई को वापस लेने की मांग उठाई

हिमाचल प्रदेश में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है। सोमवार को सोलन जिला के प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपना समर्थन देते हुए क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इस मौके पर जिला सोलन के सह सचिव रवि गौतम, खंड कुठार के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार, खंड धर्मपुर के प्रेस सचिव अरुण कुमार, खंड कुठार के महासचिव जयचंद चंदेल, खंड धर्मपुर के महालेखाकार केशव राम और सुनील शर्मा शामिल रहे।

संघ के पदाधिकारियों ने क्या कहा?
हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की राज्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद चौहान ने अपने बयान में कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल 2025 को हुए धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षकों पर की गई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई, जिसमें निलंबन और एफआईआर दर्ज की गई थी, को तुरंत वापस लिया जाए।

क्या हैं शिक्षक संघ की मुख्य मांगें?
प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष ने अपने बयान में बताया कि उनका यह संघर्ष केवल पदोन्नति के लिए नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के नए एकीकृत निदेशालय के तहत प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों की शक्तियों को छीने जाने के विरोध में है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र मुख्य शिक्षक और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के अधिकारों को छीना जा रहा है, जिससे भविष्य में पदोन्नति प्रणाली खतरे में पड़ सकती है।

संघ ने दी चेतावनी
संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती और वार्ता के लिए पहल नहीं करती, तो प्रदेशभर में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार प्राथमिक शिक्षकों की छीनी गई शक्तियों को पुनः बहाल नहीं करती।

इस अवसर पर उपस्थित रहे:
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य उपाध्यक्ष नारायण शर्मा, जिला सोलन के अध्यक्ष रजनीश कौशिक, खंड धर्मपुर की अध्यक्ष सुनीला भाटिया और जिला शिमला के कोषाध्यक्ष प्रेम लाल भी उपस्थित रहे।