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हिमाचल में खत्म होगी अनुबंध व्यवस्था, ग्रुप A, B और C पदों पर अब ‘जॉब ट्रेनी’ के रूप में होगी भर्ती

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 19 Jul 2025 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब ग्रुप-ए, बी और सी के पदों पर अनुबंध के बजाय जॉब ट्रेनी के रूप में नई नियुक्ति योजना लागू करने का फैसला लिया है। यह सुधार उन्मुख योजना पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देगी। चयनित अभ्यर्थियों को दो साल के प्रशिक्षण कार्यकाल के बाद योग्यता परीक्षण में सफल होने पर नियमित सेवा में लिया जाएगा।

शिमला

नई नीति से तैयार होंगे पेशेवर और सुप्रशिक्षित कर्मचारी
सरकार का उद्देश्य एक प्रोफेशनल, प्रशिक्षित और प्रदर्शन आधारित कार्यबल तैयार करना है। खुली प्रतियोगी परीक्षा के ज़रिए चयनित अभ्यर्थियों को जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा और उन्हें भूमिका आधारित प्रशिक्षण व व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।

जॉब ट्रेनी को मिलेगा निश्चित समेकित वेतन
ट्रेनी को हर माह निश्चित समेकित राशि का भुगतान किया जाएगा। यह राशि वित्त विभाग द्वारा तय की जाएगी और विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेखित होगी। दो वर्षों के प्रशिक्षण कार्यकाल के बाद दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले ट्रेनी को नियमितीकरण के लिए योग्य माना जाएगा।

सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे जॉब ट्रेनी
नए ट्रेनी सरकारी कर्मचारी नहीं होंगे और उन्हें सीसीएस, लीव, पेंशन, सीसीए जैसे नियमों का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, ट्रेनी को ट्रैवल और डेली अलाउंस, हिमकेयर/आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ जरूर मिलेगा।

बोर्ड, निगम और अनुदान प्राप्त संस्थानों में भी लागू होगी स्कीम
यह योजना सभी सरकारी विभागों के अलावा बोर्ड, निगम और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में भी लागू होगी, बशर्ते संबंधित प्रशासन विभाग से पूर्व अनुमोदन लिया जाए।

इन पदों की भर्ती पर लागू नहीं होगी योजना
नई स्कीम निम्न 9 पदों पर लागू नहीं होगी:

  1. HP प्रशासनिक सेवा के पद
  2. सिविल जज
  3. मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर श्रेणी
  4. आयुष विभाग के प्रोफेसर
  5. सहायक वन संरक्षक (ACF)
  6. नायब तहसीलदार
  7. अनुभाग अधिकारी (HPF और AS)
  8. सहायक राज्य कर व आबकारी अधिकारी
  9. पुलिस कांस्टेबल (पुरुष/महिला)

सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से नियुक्तियों में पारदर्शिता आएगी और राज्य को एक नया दक्ष, उत्तरदायी और मजबूत प्रशासनिक ढांचा मिलेगा।