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हिमाचल में खुलेंगे पांच अत्याधुनिक ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 16 Dec 2024, 6:03 PM | Updated: 16 Dec 2024, 6:09 PM 1 min read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच के लिए पांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। निजी कंपनियां इन केंद्रों पर वाहनों की जांच करेंगी और रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजेंगी। फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन मालिकों को परिवहन विभाग के आरटीओ द्वारा जारी किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य है कि फिटनेस प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। इन ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटरों के जरिए यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त वाहनों की पहचान होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। अब तक मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) द्वारा फिटनेस जांच की जाती थी, लेकिन इसमें कई अनियमितताओं की शिकायतें आई हैं। नए ऑटोमेटिक सिस्टम में फिटनेस जांच की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी, जिससे प्रक्रिया में कोई सिफारिश या जुगाड़ नहीं चल सकेगा।

सरकार ने नियम तय किए हैं कि जो कंपनियां इन केंद्रों को स्थापित करना चाहती हैं, उन्हें लगभग 4000 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध करनी होगी। यह जमीन अपनी हो सकती है या लीज पर भी ली जा सकती है। हालांकि, वाहन निर्माता, विक्रेता या गाड़ियों की मरम्मत से जुड़े व्यक्ति इन केंद्रों को स्थापित नहीं कर सकते। यह कदम फिटनेस जांच में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि शुरुआती चरण में पांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे और भविष्य में प्रदेश के हर जिले में इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह योजना सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को दुरुस्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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