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हिमाचल में पेट्रोल-डीजल उधार बंद, सोमवार से कैश पेमेंट पर ही मिलेगा ईंधन

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 8 Mar 2026, 12:47 PM | Updated: 8 Mar 2026, 12:47 PM 1 min read

हिमाचल प्रदेश में अब पेट्रोल और डीजल उधार पर नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार सोमवार से सभी ग्राहकों को नकद या अग्रिम भुगतान करना होगा।

शिमला

पेट्रोल-डीजल की क्रेडिट सुविधा पूरी तरह खत्म

वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच हिमाचल प्रदेश में ईंधन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन (एचपीपीडीए) ने फैसला लिया है कि अब डीलरों को दी जाने वाली दो से चार दिनों की उधार (क्रेडिट) सुविधा पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यह नई व्यवस्था सोमवार से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।

तेल कंपनियों के घाटे और सप्लाई संकट का असर

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और बिलासपुर स्थित सुकुमार सर्विस स्टेशन के संचालक सुकुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने और तेल कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल तथा एचपीसीएल—को हो रहे भारी वित्तीय नुकसान के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। पहले तेल कंपनियां डीलरों को दो से चार दिनों की क्रेडिट सुविधा देती थीं, लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है और कैश एंड कैरी मॉडल अपनाया गया है।

सरकारी विभाग और निजी संस्थान भी अब नहीं ले सकेंगे उधार

इस फैसले के बाद वे सभी सरकारी विभाग, निर्माण इकाइयां और निजी संस्थान जो अब तक क्रेडिट पर पेट्रोल-डीजल लेकर काम करते थे, अब उन्हें भी तुरंत भुगतान करना होगा। डीलरों का कहना है कि तेल कंपनियों को सरकार से समय पर भुगतान नहीं मिल पाने के कारण कंपनियों ने भी अग्रिम भुगतान की व्यवस्था लागू कर दी है।

व्यापार और विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर

एसोसिएशन के अनुसार वैश्विक युद्ध और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। यदि सरकारी विभागों और निर्माण एजेंसियों ने समय रहते नकद भुगतान की व्यवस्था नहीं की, तो परिवहन, निर्माण और विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है।

ग्राहकों से सहयोग की अपील

एचपीपीडीए के अध्यक्ष सुकुमार सिंह ने सभी सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोमवार से पहले बैंकिंग और नकद भुगतान की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।