Loading...

हिम बस कार्ड शुल्क वापसी से सुक्खू सरकार का इनकार, छात्रों को राहत पर विचार, डिप्टी सीएम ने दी जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 24 Mar 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिम बस कार्ड के शुल्क को वापस लेने से साफ इनकार करते हुए इसे रियायती यात्रा व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह प्रणाली फिलहाल जारी रहेगी। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि छात्रों को कुछ राहत देने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में इस वर्ग को फायदा मिल सकता है।

शिमला

सरकार ने शुल्क वापसी से किया इनकार
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लागू ‘हिम बस कार्ड’ को लेकर सरकार ने विधानसभा में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार का कहना है कि इस कार्ड के माध्यम से यात्रियों की पहचान और रियायत का प्रबंधन आसान होता है, इसलिए इसके लिए लिया जाने वाला शुल्क वापस लेना व्यावहारिक नहीं है और फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

निगम पर बढ़ रहा वित्तीय बोझ
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि हिम बस कार्ड के जरिए अब तक लगभग 4.72 करोड़ रुपये सेवा शुल्क के रूप में एकत्र किए जा चुके हैं। वहीं, सरकार द्वारा महिला यात्रियों को दी जा रही 50 प्रतिशत किराया छूट के चलते पिछले एक वर्ष में करीब 4.91 करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है, जिससे निगम पर लगभग 82.27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है, जिसे संभालना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

महिला यात्रियों के कारण जटिलता
सरकार ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाली महिला यात्रियों के बीच अंतर करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में यदि शुल्क वापसी या किसी तरह की अलग व्यवस्था लागू की जाती है तो इससे प्रणाली में जटिलताएं बढ़ सकती हैं, इसलिए मौजूदा कार्ड प्रणाली को बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।

छात्रों को मिल सकती है राहत
हालांकि सरकार ने यह संकेत जरूर दिए हैं कि छात्रों के लिए हिम बस कार्ड शुल्क में छूट या पूरी तरह माफी देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इससे शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बावजूद हिम बस कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त करने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

31 मार्च तक अनिवार्य व्यवस्था
सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि रियायती और मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य रहेगा। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक की समय-सीमा तय की गई है, जिसके बाद बिना वैध कार्ड के किसी भी यात्री को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा, इसलिए सभी पात्र यात्रियों को समय रहते कार्ड बनवाने की सलाह दी गई है।