1 जुलाई से बदल जाएगी आपकी जेब की गणित! पासपोर्ट, गैस, बैंकिंग और रेलवे के नए नियम लागू
पासपोर्ट होगा महंगा, लाउंज सुविधा पर शर्तें सख्त, बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना; आधार अपडेट और कार्डलेस कैश निकासी में राहत
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नई दिल्ली
1 जुलाई से देशभर में आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। पासपोर्ट बनवाने से लेकर गैस सिलेंडर, बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, रेलवे और डिजिटल सेवाओं तक कई नए नियम प्रभावी होंगे। इनमें कुछ बदलाव लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगे, जबकि कुछ फैसले राहत भी देंगे।
सबसे बड़ा असर पासपोर्ट बनवाने वालों पर पड़ेगा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2012 के बाद पहली बार पासपोर्ट शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की है। नए नियमों के अनुसार 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट का शुल्क 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। वहीं तत्काल योजना के तहत इसकी फीस 3500 रुपये से बढ़कर 5000 रुपये हो जाएगी। 60 पेज वाले पासपोर्ट की सामान्य फीस अब 3500 रुपये और तत्काल शुल्क 6000 रुपये निर्धारित किया गया है।
रसोई का बजट भी प्रभावित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच 1 जुलाई से एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस के दामों में संशोधन की संभावना है। यदि कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर आम परिवारों और वाहन चालकों की जेब पर पड़ेगा।
डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए भी नए नियम लागू होंगे। एचडीएफसी बैंक ने अपने रेगलिया गोल्ड और डाइनर्स क्लब प्रिविलेज जैसे क्रेडिट कार्डों पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस को खर्च आधारित कर दिया है। अब मुफ्त लाउंज सुविधा पाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60 हजार रुपये का खर्च करना अनिवार्य होगा।
आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत देते हुए यूआईडीएआई ने माय आधार पोर्टल पर नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारियों को मुफ्त ऑनलाइन अपडेट करने की सुविधा की समयसीमा बढ़ाकर 14 जून 2027 तक कर दी है। इसके साथ ही पुराने एम आधार ऐप की जगह नया आधार ऐप शुरू किया गया है, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल की गई हैं।
रेलवे ने भी बिना टिकट यात्रा करने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। अब बिना टिकट पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा संबंधित यात्री को यात्रा का पूरा किराया भी अलग से देना होगा।
इधर बैंकिंग सेवाओं को और आसान बनाने के लिए कार्डलेस कैश निकासी सुविधा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अब ग्राहक कई एटीएम से बिना डेबिट कार्ड के केवल अपने मोबाइल के यूपीआई ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर नकद राशि निकाल सकेंगे। इससे नकदी निकासी पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर 1 जुलाई से लागू होने वाले ये बदलाव देश के करोड़ों लोगों की जेब, यात्रा, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं पर सीधा असर डालेंगे। ऐसे में नए नियमों की जानकारी रखना हर उपभोक्ता के लिए जरूरी होगा।