Loading...

चलती 108 एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव, रेफरल व्यवस्था पर उठे सवाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 41 Mins Ago • 1 Min Read

नोहराधार से राजगढ़ और फिर सोलन रेफर की गई 23 वर्षीय प्रीति ने रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 108 एंबुलेंस में स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी शुभम तोमर और पायलट मनोज कुमार ने आपात स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। घटना ने एंबुलेंस सेवा की तत्परता के साथ क्षेत्र की प्रसव और रेफरल व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

राजगढ़

चिकित्सकों ने प्रीति को प्राथमिक उपचार के बाद सोलन के लिए रेफर किया था। सोलन ले जाते समय रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ गई, जिसके बाद एंबुलेंस कर्मचारियों को वाहन में ही प्रसव कराना पड़ा। ईएमटी शुभम तोमर और पायलट मनोज कुमार ने सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ स्थिति संभाली। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की स्थिति को देखते हुए टीम दोनों को सुरक्षित सोलन अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें भर्ती कराया गया।

स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गर्भवती महिलाओं को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि महिला की स्थिति सामान्य प्रसव के अनुकूल हो तो उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता के अनुसार स्थानीय अस्पताल में प्रसव कराने का पूरा प्रयास किया जाना चाहिए। बार-बार रेफर किए जाने पर गर्भवती महिला को लंबा सफर तय करना पड़ता है और रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने या अचानक जटिलता उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।

गंभीर या जटिल प्रसव के मामलों में उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर करना आवश्यक हो सकता है, लेकिन सामान्य मामलों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं के अधिकतम उपयोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग से समीक्षा की अपेक्षा की जा रही है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता और रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत सामने लाती है। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में 108 एंबुलेंस सेवा और उसके कर्मचारियों की भूमिका भी स्पष्ट करती है।

Related Topics: