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55 वर्ष बाद अपने विद्यालय पहुंचीं लेखिका डॉ. निर्मल सूद, भावुक हुआ माहौल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 12 Jun 2026 • 1 Min Read

लगभग 55 वर्ष बाद अपने पुराने विद्यालय पहुंचीं प्रख्यात लेखिका एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. निर्मल सूद का विद्यालय परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश देते हुए अपनी तीन पुस्तकें विद्यालय पुस्तकालय को भेंट कीं। यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, गौरव और अपने विद्यालय से जुड़े रहने का एक यादगार संदेश बनकर रही।

राजगढ़

पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारग में उस समय भावुक और प्रेरणादायी माहौल बन गया, जब विद्यालय की भूतपूर्व छात्रा, प्रख्यात लेखिका एवं सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. निर्मल सूद लगभग 55 वर्ष बाद अपने पुराने विद्यालय पहुंचीं। विद्यालय की दहलीज पर कदम रखते ही उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं।वर्ष 1952 में नारग में जन्मीं डॉ. निर्मल सूद ने अपनी प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा नारग विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन से बी.ए. ऑनर्स की शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 1980 में उनकी नियुक्ति हरियाणा के नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सिरसा में प्रवक्ता के रूप में हुई। वर्ष 2007 से उन्होंने सेक्टर-42 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य के रूप में सेवाएं दीं और वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुईं।

विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विद्यालय परिवार द्वारा मिले सम्मान और स्नेह से अभिभूत होकर डॉ. सूद भावुक हो उठीं।इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने, अपने गुरुओं का सम्मान करने तथा अपनी सांस्कृतिक और नैतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना भी की।डॉ. निर्मल सूद साहित्य जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनकी तीन एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं तथा वे कई साझा संकलनों में भी अपनी रचनाएं दे चुकी हैं। उन्होंने अपनी रचित पुस्तकें “शब्दों के परिंदे”, “पहाड़ से उतरती लड़की” और “स्त्री की हंसी” विद्यालय पुस्तकालय को भेंट कीं।
उन्होंने बताया कि उनकी आगामी रचना का विषय नारग क्षेत्र और उनका प्रिय विद्यालय होगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य रोहित वर्मा ने कहा कि विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले पूर्व छात्र वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने डॉ. सूद से भविष्य में भी विद्यालय आते रहने का आग्रह किया।डॉ. निर्मल सूद की यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, गौरव और अपने विद्यालय से जुड़े रहने का एक यादगार संदेश बनकर रही।