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चिंतपूर्णी मंदिर में अनधिकृत प्रवेश पर रोक, एसडीएम ने जारी किए आदेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 38 Mins Ago • 1 Min Read

श्रावण अष्टमी मेले के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 112 के तहत आदेश जारी कर श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों का उपयोग करने तथा कतार व्यवस्था का पालन करने को कहा है।

ऊना/अम्ब/वीरेंद्र बन्याल

आदेश के अनुसार कोई भी श्रद्धालु मंदिर के पास स्थित किसी दुकान, अतिरिक्त प्रवेश द्वार या मंदिर के रास्ते से सटे किसी अन्य अनधिकृत मार्ग से परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। सभी श्रद्धालुओं को पुलिस और मंदिर प्रशासन की ओर से तय प्रवेश एवं निकास मार्गों का उपयोग करना होगा। इसके साथ ही निर्धारित कतार व्यवस्था और मौके पर तैनात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है।

अनधिकृत प्रवेश द्वारों को सील करने के निर्देश

पुलिस को मंदिर के आसपास मौजूद अनधिकृत बैकडोर या दूसरे प्रवेश द्वारों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि ऐसे रास्तों की जांच की जाए, जिनका इस्तेमाल दुकानदारों या अन्य व्यक्तियों द्वारा श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करवाने के लिए किया जा रहा है। पहचान के बाद संबंधित परिसर का विधिवत सत्यापन कर अनधिकृत प्रवेश द्वार तत्काल सील किए जाएंगे।

यह कार्रवाई मंदिर अधिकारी, नायब तहसीलदार-कम-कार्यकारी मजिस्ट्रेट और संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी एवं सहायता से की जाएगी। प्रशासन के अनुसार श्रावण अष्टमी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों पर पैदल आवाजाही का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अतिरिक्त या खुले रास्तों से प्रवेश करने पर कतार व्यवस्था प्रभावित होने और मंदिर परिसर में अव्यवस्था उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

सोशल मीडिया वीडियो का आदेश में उल्लेख

आदेश में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है। इसमें मंदिर परिसर से सटी एक दुकान के माध्यम से श्रद्धालुओं को सीधे मंदिर में प्रवेश करवाते हुए देखा गया है। प्रशासन ने कहा है कि इस प्रकार का अनियंत्रित प्रवेश भीड़ और अव्यवस्था बढ़ाने के साथ निर्धारित कतार प्रणाली में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी कठिनाई हो सकती है।

एसडीएम पारस अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश एवं निकास मार्गों और कतार व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनधिकृत रास्ते या दुकान के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश न किया जाए। यह आदेश 22 अगस्त, 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ लागू कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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