शिमला में 10 जून तक चलेगी अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता, राज्यपाल से मिले आयोजक
शिमला में आयोजित 71वीं अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता में देशभर के कलाकार भाग ले रहे हैं। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से मुलाकात के दौरान आयोजन की रूपरेखा, प्रतिभागियों की संख्या और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।
शिमला
राज्यपाल से मिले अखिल भारतीय कलाकार संघ के पदाधिकारी
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से लोक भवन में अखिल भारतीय कलाकार संघ के अध्यक्ष एवं अभिनेता रोहिताश्व गौड़ तथा संघ की उपाध्यक्ष रेखा गौड़ ने शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को संगठन की गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभर में आयोजित किए जा रहे कला संबंधी आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से शिमला में आयोजित की जा रही 71वीं वार्षिक अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। इस अवसर पर सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कला, नाटक और नृत्य के क्षेत्र में प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने तथा विभिन्न राज्यों के कलाकारों के बीच संवाद को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
10 जून तक आयोजित होगी नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता
रोहिताश्व गौड़ ने राज्यपाल को बताया कि 71वीं वार्षिक अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ शिमला में हो चुका है और यह आयोजन 10 जून तक जारी रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों कलाकार भाग ले रहे हैं। आयोजन के दौरान कुल 27 नाट्य दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जबकि लगभग 260 नृत्य प्रस्तुतियां भी मंचित की जाएंगी। प्रतियोगिता में शास्त्रीय, लोक एवं समकालीन नृत्य शैलियों के साथ-साथ विभिन्न विषयों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं को साझा करने का अवसर भी प्रदान करता है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया बल
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अखिल भारतीय कलाकार संघ द्वारा नाटक, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं तथा इनके माध्यम से परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक विविधता को संरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाने का कार्य करते हैं, जिससे कलाकारों और दर्शकों दोनों को विविध सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।
युवा कलाकारों को मिलता है मंच
राज्यपाल ने कहा कि अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता जैसे आयोजन युवा और उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए एक संगठित मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों को अनुभव प्राप्त करने, अन्य राज्यों के प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित करने और अपनी कला को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता प्रदर्शन कलाओं के प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सकारात्मक योगदान देगी तथा कला और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन प्रदान करेगी।