अर्की में आयोजित 64वें विशाल दंगल कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक संजय अवस्थी
अर्की में आयोजित 64वें विशाल दंगल कार्यक्रम में विधायक संजय अवस्थी ने पारंपरिक खेलों के संरक्षण और युवाओं की खेल गतिविधियों में भागीदारी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
सोलन
64वें विशाल दंगल कार्यक्रम का आयोजन
अर्की के चौगान मैदान में महावीर दंगल समिति तथा लोक निर्माण विभाग अर्की मंडल के सहयोग से 64वें विशाल दंगल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन क्षेत्र में लंबे समय से आयोजित किए जा रहे पारंपरिक खेल आयोजनों में शामिल है। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्गों के पहलवानों ने भाग लिया, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खेल प्रेमी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मुकाबलों का आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अर्की के विधायक संजय अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और खिलाड़ियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों से भी संवाद किया।
पारंपरिक खेलों के संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि दंगल जैसे पारंपरिक खेल भारतीय खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दंगल की परंपरा का इतिहास काफी पुराना है और आधुनिक कुश्ती के विकास में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधायक ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय महिला और पुरुष पहलवान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, जिससे खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ रही है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात
संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल मैदानों के विकास, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनके अनुसार खेल गतिविधियां युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को विकसित करने में भी सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि दंगल, कबड्डी और अन्य पारंपरिक खेलों के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।
पुरस्कार राशि में वृद्धि का उल्लेख
विधायक ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में पुरस्कार राशि में संशोधन किया है। उन्होंने जानकारी दी कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की गई है। इसी प्रकार रजत पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं के लिए 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रोत्साहन नीतियों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना है।
समिति को सहयोग राशि देने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान विधायक संजय अवस्थी ने महावीर दंगल समिति को अपनी ओर से 21 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले खेल कार्यक्रम खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराते हैं और खेल गतिविधियों को निरंतर बनाए रखने में आयोजन समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही तथा आयोजन समिति द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना की।
विभिन्न गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में खंड कांग्रेस समिति अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, उपमंडलीय पुलिस अधिकारी दाड़लाघाट नवीन झालटा, लोक निर्माण विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता कृष्ण कांत, नगर पंचायत अर्की के नवनिर्वाचित पार्षदगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी, खेल प्रेमी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के मुकाबलों के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और पारंपरिक खेलों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
