सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू को मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी है। यह राहत उन्हें रेप केस में उम्र कैद की सजा काटते समय मिली है। कोर्ट ने आसाराम की खराब स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है, और उन्हें 31 मार्च 2025 तक जमानत पर रिहा किया है।
मेडिकल ग्राउंड पर जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को उनकी उम्र (86 वर्ष) और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जमानत केवल उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दी जा रही है और इसका कोई संबंध उनके अपराधों से नहीं है।
इस दौरान आसाराम अपना इलाज करवा सकते हैं। हालांकि, यह जमानत केवल सूरत के रेप केस से संबंधित है, जबकि जोधपुर रेप केस में उन्हें हाई कोर्ट से जमानत प्राप्त करनी होगी।
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जमानत के साथ शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को जमानत देते समय कुछ शर्तें भी लागू की हैं:
- अनुयायियों से मुलाकात पर रोक: जमानत मिलने के बाद आसाराम अपने अनुयायियों से मिलने में सक्षम नहीं होंगे।
- सबूतों से छेड़छाड़ नहीं: वह किसी भी प्रकार से मामले के सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
- पुलिस की निगरानी में इलाज: इलाज के दौरान आसाराम के साथ तीन पुलिसकर्मी होंगे, लेकिन ये पुलिसकर्मी इलाज में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि आसाराम का इलाज सुचारू रूप से हो, और न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई अड़चन न आए।
जेल में बिताए 11 साल
आसाराम अब तक लगभग 11 साल जेल में काट चुके हैं। 2013 में उनके खिलाफ रेप के आरोप सामने आए थे और उन्हें इंदौर में गिरफ्तार किया गया था।
आसाराम के खिलाफ दो मामले
आसाराम बापू को दो अलग-अलग रेप मामलों में उम्र कैद की सजा मिल चुकी है:
- सूरत रेप केस: सूरत के आश्रम में एक महिला अनुयायी से बलात्कार का मामला।
- जोधपुर रेप केस: जोधपुर आश्रम में एक अन्य महिला के साथ रेप का मामला।
आसाराम के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी हालत गंभीर है और उन्हें 2 बार दिल का दौरा भी पड़ चुका है। जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही थी, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ रही थी।
कोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत देने का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की चिकित्सा रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अंतरिम जमानत देने का निर्णय लिया। इस फैसले से पहले, कई मौकों पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से मना कर दिया था।
आखिरकार, उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने यह कदम उठाया, ताकि वह बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें।
आसाराम बापू को मिली अंतरिम जमानत एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसमें उनकी उम्र और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि जमानत मिलने के बाद भी आसाराम न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न डालें।
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