बल्ह किसान सम्मेलन में भूमि, आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान
हिमाचल किसान सभा की बल्ह इकाई के सम्मेलन में किसानों की जमीन, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया। कन्सा चौक स्थित महाराजा पैलेस में आयोजित सम्मेलन में बल्ह क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से करीब 70 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान किसान सभा की 15 सदस्यीय नई कमेटी का गठन भी किया गया।
कन्सा चौक/मंडी
सम्मेलन की अध्यक्षता प्रेमदास चौधरी, परस राम और नंद लाल वर्मा के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य एवं हिमाचल किसान सभा मंडी के जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज का फूल-माला और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के आंदोलन में योगदान देने वाले करीब 15 लोगों को सम्मानित किया गया। पिछले तीन वर्षों में दिवंगत साथियों की स्मृति में शोक प्रस्ताव पारित कर दो मिनट का मौन भी रखा गया।
किसानों को संगठित करने पर जोर
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कुशाल भारद्वाज ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना 11 अप्रैल 1936 को लखनऊ में हुई थी। उन्होंने कहा कि संगठन ने जमींदारी, भारी लगान, कर्ज, बेदखली, जबरन मजदूरी और साहूकारी शोषण के खिलाफ किसानों को संगठित करने में भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ बल्ह के किसानों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए इसे आगे भी जारी रखने की बात कही।
सभा के सह-सचिव नंद लाल वर्मा ने पिछले तीन वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि किसान सभा ने डंपिंग साइट हटाने, खेल मैदान बचाने, कन्सा-कुम्मी सड़क, सर्विस रोड और नालियों के निर्माण, डडौर-नागचला में अंडरपास या फ्लाईओवर, सब्जी मंडी, दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, टमाटर एवं सब्जियों के लाभकारी मूल्य, बाढ़ से नुकसान, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्मार्ट मीटर, मेडिकल यूनिवर्सिटी और एयरपोर्ट से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
पूर्व अध्यक्ष परस राम ने कहा कि किसान सभा का संघर्ष किसानों की भूमि, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के साथ उचित मुआवजा, पुनर्वास, कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाओं के लिए है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रेमदास चौधरी ने कन्सा गांव से डंपिंग साइट तुरंत स्थानांतरित करने, मेडिकल यूनिवर्सिटी को बल्ह में स्थापित करने, रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज देने की मांग उठाई।
नई कमेटी का गठन
जिला किसान सभा मंडी की ओर से जोगिंदर वालिया ने नवनिर्वाचित कमेटी को बधाई दी और जन अभियान चलाने में सहयोग का भरोसा दिया। सम्मेलन में गठित 15 सदस्यीय कमेटी में प्रेमदास चौधरी अध्यक्ष, परस राम और रूप लाल चौधरी उपाध्यक्ष, नंद लाल वर्मा सचिव, गंगा राम कोषाध्यक्ष तथा नरेश कुमार और कैप्टन बलदेव चौधरी सह-सचिव चुने गए। जसवंत कौर, ललिता देवी, वीना शर्मा, देवी रूप चौधरी, जगदीश, बिहारी लाल और भवानी सिंह को कमेटी सदस्य बनाया गया।