राजीव बिंदल का आरोप: 3500 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे, 150 से अधिक में कोई अध्यापक नहीं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिरमौर में आयोजित पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशाला और जिला पदाधिकारी बैठक में हिमाचल की शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 3500 स्कूल एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जबकि 150 से अधिक स्कूलों में कोई अध्यापक नहीं है। उन्होंने सरकारी विभागों में रिक्त पदों और आयुष्मान भारत व हिमकेयर योजनाओं का लाभ प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया।
सिरमौर
डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्री शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश सरकार करीब 2000 स्कूल बंद कर चुकी है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उनके अनुसार, एकल शिक्षक वाले स्कूलों और बिना अध्यापक चल रहे शिक्षण संस्थानों की स्थिति विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।
रिक्त पदों और विद्यार्थियों की सुविधाओं पर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में एक लाख सात हजार से अधिक पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों के खाली रहने से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसेवाओं पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। डॉ. बिंदल ने यह आरोप भी लगाया कि विद्यार्थियों को मिलने वाली मुफ्त वर्दी बंद कर दी गई है, अनेक एचआरटीसी बस रूट बंद होने से बच्चों को पांच किलोमीटर तक पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है और स्कूल फीस में भी वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और दूरदराज के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियां देने के वादे करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चार वर्षों में बेरोजगार युवाओं को भर्तियों के मामले में अपेक्षित अवसर नहीं मिले और बड़ी संख्या में सरकारी पद अब भी खाली पड़े हैं।
अस्पतालों में स्टाफ की कमी का आरोप
डॉ. बिंदल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी है। उन्होंने कहा कि स्टाफ और आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण मरीजों को एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे संस्थान में भेजा जा रहा है। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मचारियों, दवाइयों और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई हिमकेयर योजना से प्रदेश के लाखों परिवारों को इलाज में आर्थिक सहायता मिली थी। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन योजनाओं का लाभ प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत लोग आयुष्मान और हिमकेयर के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पात्र लोगों को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े इन मुद्दों को लोगों के बीच लेकर जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का आकलन कर रही है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना जवाब देगी। बैठक में उनका संबोधन मुख्य रूप से शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी, सरकारी पदों की रिक्तता तथा स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े आरोपों पर केंद्रित रहा।