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कांगड़ा के बड़ा भंगाल में बीमार पड़े भेड़ पालक का रेस्क्यू, 18 किलोमीटर पैदल लाकर अस्पताल पहुंचाया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 21 Jul 2026 • 1 Min Read

बड़ा भंगाल क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति का सामना कर रहे एक भेड़ पालक को प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होने पर ग्राउंड रेस्क्यू टीम ने करीब 18 किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

कांगड़ा

रेई धार क्षेत्र से शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

कांगड़ा जिले के बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ा गुनेहड़ गांव के निवासी निर्जल कुमार बड़ा भंगाल की परमिट वाली चारागाह में भेड़-बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हुई, जिसके कारण वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद बैजनाथ और भरमौर प्रशासन ने समन्वय स्थापित कर तत्काल रेस्क्यू की तैयारी शुरू की। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी, इसलिए भरमौर प्रशासन ने ग्राउंड रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना किया।

18 किलोमीटर पैदल स्ट्रेचर से पहुंचाया सुरक्षित

रेस्क्यू टीम ने ग्राम पंचायत ग्रौंडा के स्थानीय निवासियों के सहयोग से रेई धार के दुर्गम और पथरीले मार्ग पर अभियान चलाया। टीम ने मरीज को स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखते हुए लगभग 18 किलोमीटर पैदल सफर तय किया और देर रात सिविल अस्पताल होली पहुंचाया। प्रशासन के अनुसार कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम के समन्वय से मरीज को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली।

प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर

सिविल अस्पताल होली में चिकित्सकों ने मरीज को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर कर दिया। वर्तमान में उनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

सड़क संपर्क को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाई मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक बार फिर होली-बड़ा भंगाल सड़क निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा उपलब्ध न होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी आपात परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर बनाने की आवश्यकता दोहराई ताकि भविष्य में राहत एवं बचाव कार्य अधिक सुगम हो सकें।