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बौल स्कूल में ई-कचरा प्रबंधन की सीख, विद्यार्थियों को सुरक्षित निपटान का तरीका बताया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बौल में आयोजित जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभाव, सुरक्षित निपटान और पुनर्चक्रण के महत्व की जानकारी दी गई। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर तथा अन्य खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे से अलग रखने के लिए प्रेरित करना था।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बौल में टीजीटी मेडिकल सोनिया शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लापरवाही से फेंकने पर उनमें मौजूद हानिकारक पदार्थ मिट्टी, जल और पर्यावरण को प्रदूषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ई-कचरे का निपटान सामान्य कचरे के साथ करने के बजाय निर्धारित सुरक्षित तरीकों से किया जाना आवश्यक है।

सत्र में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदारी से उपयोग करने, खराब उपकरणों को इधर-उधर नहीं फेंकने और ई-कचरे को अधिकृत संग्रह केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही पुनर्चक्रण के माध्यम से उपयोगी सामग्री को दोबारा इस्तेमाल में लाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को ई-कचरे के अलग-अलग प्रकारों और उनके उचित प्रबंधन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

जागरूकता गतिविधि को प्रभावी बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान का आकलन करने के साथ उन्हें ई-कचरा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक जानकारियों को समझने का अवसर मिला। विद्यालय में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक बनाना और पर्यावरण संरक्षण में उनकी जिम्मेदार भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।

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