Category: सिरमौर

  • शिरगुल मंदिर समिति ने दुर्गा सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया

    शिरगुल मंदिर समिति ने दुर्गा सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया

    समिति ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़

    शिरगुल मंदिर समिति राजगढ़ ने धरोटी निवासी मियां दुर्गा सिंह ठाकुर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दुर्गा सिंह ठाकुर का निधन क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। वह मंदिर समिति के एक समर्पित और सक्रिय सदस्य थे। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में उनका योगदान हमेशा अग्रणी रहा।

    समिति के अध्यक्ष अरुण ठाकुर और संरक्षक सतीश ठाकुर समेत सभी सदस्यों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की।

    श्रद्धांजलि देने वालों में कैलाश वल्याट, कुलभूषण सूद, कमल स्वरूप, बलराज साहनी, राजेंद्र जस्टा, विवेक शर्मा, नरेंद्र ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, नवीन शर्मा, नितिन भारद्वाज, अजय ठाकुर, धर्मेंद्र कंवर और विकास सूद शामिल रहे।

  • सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग ने प्रेस क्लब नाहन में मनाया राष्ट्रीय प्रेस दिवस

    सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग ने प्रेस क्लब नाहन में मनाया राष्ट्रीय प्रेस दिवस

    Himachalnow/नाहन

    राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज सिरमौर प्रेस क्लब नाहन में जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय सिरमौर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें क्षेत्र के पत्रकारों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा निर्धारित विषय प्रेस का बदलता स्वरूप पर वार्ता की गई।


    इस कार्यक्रम के दौरान एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कहा कि प्रेस को राष्ट्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है और राष्ट्र निर्माण में प्रेस की अहम भूमिका रहती है क्योंकि प्रेस के माध्यम से आमजन की बहुत सी समस्याएं सरकार तथा प्रशासन के समक्ष रखी जाती हैं जिससे उनका निराकरण भी सुनिश्चित होता है।

    उन्होंने कहा कि आज के इस बदलते स्वरूप में प्रेस में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी वो है जिसने पोस्ट कार्ड से लेकर जीपीए तक का सफर तय किया है । उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी ने जितने बदलाव देखे हैं शायद ही अन्य किसी पीढ़ी को देखने मिले, वक्त के साथ प्रेस के स्वरूप में भी बहुत से बदलाव हुए हैं आज अखबार से लेकर सोशल मीडिया तक सभी प्रभावी ढंग से क्षेत्र की जानकारियां उपलब्ध करवा रहे हैं।

    इस अवसर पर जिला लोक संपर्क अधिकारी ममता नेगी ने मुख्यातिथि को टोपी व शाल भेंट कर सम्मानित किया तथा मौजूद प्रेस कर्मियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस का दिन स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना 16 नवंबर, 1966 को की गई। यह वह दिन था जिस दिन भारतीय प्रेस परिषद ने नैतिक प्रहरी के रूप में काम करना शुरू किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रेस उच्च मानकों को बनाए रखने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करे कि यह किसी भी बाहरी कारकों के प्रभाव या खतरों से बाधित न हो।

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस मजबूत लोकतंत्र के चार स्तंभों में से एक है या यूं कहे कि विभिन्न मीडिया हाउस जिसमें प्रिंट और प्रसारण में काम करने वाले पत्रकार दर्पण के रूप में कार्य करते है, जिनकी लेखनी समाज के विभिन्न पहलुओं को पूरी सच्चाई के साथ दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रेस एकमात्र माध्यम है, जो उपलब्धियों के साथ-साथ आम जन की समस्याओं को भी उजागर करती है।

    इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा निर्धारित विषय प्रेस का बदलता स्वरूप पर शैलेन्द्र कालरा, सूरत पुंडीर, सतीश शर्मा ने बतौर वक्ता अपने विचार रखे साथ ही अन्य पत्रकारों ने भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा की।

  • राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की ऑडिशन 11 सितम्बर को

    राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की ऑडिशन 11 सितम्बर को

    सिरमौर जिले के सराहां में 15 से 17 सितंबर, 2024 तक होने वाले राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले के सांस्कृतिक संध्याओं के लिए कलाकारों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा। यह जानकारी कार्यकारी उप-मंडलाधिकारी पच्छाद और सदस्य सचिव प्रवीण कुमार ने दी।

    सिरमौर समेत अन्य जिलों के कलाकार होंगे चयनित

    ऑडिशन 11 सितंबर, 2024 को दोपहर 12:30 बजे उप-मंडलाधिकारी पच्छाद के कार्यालय सभागार में आयोजित किया जाएगा। सिरमौर और अन्य जिलों के श्रेणी ‘सी’ और ‘डी’ के कलाकार इस ऑडिशन में भाग ले सकेंगे । इच्छुक कलाकार 10 सितंबर, 2024 तक अपने आवेदन ईमेल, डाक या स्वयं आकर उप-मंडलाधिकारी , पच्छाद कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    ऑडिशन प्रक्रिया और सूचना

    ऑडिशन में चयनित कलाकारों को मेले में प्रस्तुति देने के लिए दूरभाष के माध्यम से सूचित किया जाएगा। ऑडिशन में भाग लेने वाले कलाकारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

    श्रेणी ‘ए’ और ‘बी’ के कलाकारों का चयन

    श्रेणी ‘ए’ और ‘बी’ के स्थापित कलाकारों का चयन उनके पूर्व अनुभव और गायन रिकॉर्ड के आधार पर सांस्कृतिक समिति द्वारा किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए 01799-236528 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • गलत दूरी बताकर स्कूल मर्ज करने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध , डीसी सिरमौर को सौंपा ज्ञापन

    गलत दूरी बताकर स्कूल मर्ज करने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध , डीसी सिरमौर को सौंपा ज्ञापन

    जिला सिरमौर के सुरला शिक्षा खंड में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल बकारला को गलत दूरी का हवाला देकर एक अन्य स्कूल में मर्ज करने का आरोप लगा है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण शुक्रवार को डीसी सिरमौर के पास पहुंचे और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी दूरी प्रमाण पत्र की प्रति भी संलग्न की गई थी।

    ग्रामीणों, जिनमें प्रेम सिंह, चमन लाल, रणजीत सिंह, दीपिका आदि शामिल थे, ने बताया कि बकारला गांव में सभी परिवार अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, बकारला स्कूल को सुरला के स्कूल में मर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार कानून के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों का 2 किलोमीटर की परिधि में होना आवश्यक है। लेकिन सुरला शिक्षा खंड कार्यालय ने बकारला से सुरला स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर बताई, जो कि गलत है। वास्तविक दूरी पैदल रास्ते से 3.5 किलोमीटर और सड़क मार्ग से 5.5 किलोमीटर है। पैदल रास्ता जंगल और नदी-नालों से होकर गुजरता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि वे ज्यादातर खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, और स्कूल मर्ज होने से बच्चों की शिक्षा और उनकी रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा, बकारला स्कूल एक मतदान केंद्र भी है, और इसके मर्ज होने पर कई लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्कूल को मर्ज न करने की अपील की है।

  • गिरिपार क्षेत्र में परंपरानुसार मनाया डगैली पर्व

    गिरिपार क्षेत्र में परंपरानुसार मनाया डगैली पर्व

    HNN/राजगढ़

    राजगढ़ क्षेत्र में दो दिवसीय डगैली अर्थात डायन पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया । समूचे राजगढ़ क्षेत्र में डगैली की पहली रात्रि को अरबी के पत्ते के धिंधड़े अर्थात पतीड़ व्यंजन बनाकर घर की दलहीज पर काट कर डायनों के नाम से अर्पित किए और स्वयं भी इसका प्रसाद ग्रहण किया । जबकि डगैली की दूसरी रात्रि को घर की दलहीज पर खीरा की बलि दी गई ।
    बता दें कि प्रदेश में मनाए जाने वाले तीज त्यौहारों की श्रृखंला में सबसे विचित्र पर्व है डगैली ।

    जोकि हर वर्ष रक्षा बंधन पर्व के उपरांत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी व अमावस्या को मनाया जाता है । इस पर्व को विशेषकर जिला शिमला, सिरमौर और सोलन में प्राचीन परंपरा के अनुरूप मनाया जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे कृष्ण जन्माष्टमी को भी मनाया जाता है ।
    जनश्रुति के अनुसार डगैली को डायनों का पर्व माना जाता है। बताते हैं कि इस पर्व में रात्रि को आसुरी शक्तियां पूर्ण रूप से जागृत होती है और डायनों द्वारा अपनी कला से अदृष्य नृत्य किया जाता है ।

    बता दें कि अतीत से ही डगयाली को सबसे भयावह वाला त्यौहार माना जाता रहा है । इस त्यौहार के कुछ दिन पहले स्थानीय देवी देवता के पुजारी घर घर जाकर सुरक्षाचक्र के रूप में देवता के चावल व सरसों के दाने देते हैं जिसे चतुदर्शी की रात्रि को घर के मुख्य दरवाजे पर रखा जाता है ताकि आसुरी शक्तियों का घर में प्रवेश न हो । इसके अतिरिक्त भेखल झाड़ी की टहनियों को भी मंदिर, घर व गौशाला के दरवाजे, खिड़की पर सुरक्षा के रूप में लटकाई जाती है ।
    तांत्रिक लोग डगैली की रात्रि को साधना के सबसे उपयुक्त समय बताते हैं । इस अमावस्या को शास्त्रों में कुशोत्पाटिनी अमावस्या कहते हैं ।

    इस दिन लोग पूजा के लिए कुशा उखाड़ कर वर्ष भर घर में रखते है जिसका़ विशेष महत्व माना जाता है। डगैली की सांय ढलते ही लोग घर में दुबक जाते है ।वरिष्ठ नागरिक दयाराम वर्मा , प्रीतम सिंह ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र कई स्थानों पर विशालकाय शिलाएं आज भी मौजूद है जिस बारे उनके पूर्वज बताते थे कि इन शिलाओं को डायनों ने रात को किसी गांव से उठाकर लाकर यहां रखा था । जोकि इस त्यौहार की प्रासंगिकता को दर्शाता है ।

  • पांवटा साहिब-शिलाई एनएच पर फिर हुआ लैंडस्लाइड, यात्री परेशान

    पांवटा साहिब-शिलाई एनएच पर फिर हुआ लैंडस्लाइड, यात्री परेशान

    HNN/पांवटा साहिब

    पांवटा साहिब के पास शिलाई नैशनल हाईवे 707 पर फिर से लैंडस्लाइड होने से यात्री परेशान हो गए हैं। हेवना के पास भूस्खलन होने के कारण नैशनल हाईवे बंद हो गया है और लोग जान जोखिम में डालकर पैदल ही एक छोर से दूसरे छोर तक जाने को मजबूर हैं।

    इस कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी लाइनें लगी हुईं हैं और गिरिपार क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एनएचआईए के सहायक अभियंता सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि हेवना के पास भूस्खलन होने से एनएच बंद हो गया है और संबंधित कंपनी को मशीनें भेजने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही नैशनल हाईवे को बहाल कर दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि लोगों को परेशानियों से बचाने के लिए एनएचआईए और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर काम कर रही हैं और जल्द ही स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे स्थिति को सामान्य होने तक धैर्य रखें और सुरक्षित यात्रा करें।

  • वीर चक्र 19 ग्रेनेडियर में तैनात सिरमौर का लाल आशीष अरुणाचल में शहीद

    वीर चक्र 19 ग्रेनेडियर में तैनात सिरमौर का लाल आशीष अरुणाचल में शहीद

    आपरेशन अलर्ट के दौरान हुए हादसे में दो अन्य जवानों सहित पाई शहादत

    HNN/नाहन।

    नाहनः जिला सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके का 25 वर्षीय जवान अरूणाचल प्रदेश में आपरेशन अलर्ट के दौरान हुई दुर्घटना में शहीद हो गया है. सिरमौर के जवान समेत दो अन्य भी इस आपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए हैं. 

    सिरमौर के भरली निवासी आशीष कुमार की शहादत की खबर मिलते ही जिले सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है. उधर, सैनिक कल्याण बोर्ड सिरमौर के उपनिदेशक मेजर दीपक धवन ने इसकी जानकारी डीसी सिरमौर के साथ साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दी है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार ये घटना मंगलवार सुबह एक आपरेशन के दौरान हुई, जिसमें सिरमौर के आशीष कुमार दो अन्य समेत जवानों ने शहादत पाई है. शहीद आशीष कुमार वीर चक्र प्राप्त 19 ग्रेनेडियर यूनिट में बतौर ग्रेनेडियर तैनात थे. 14 मार्च 1999 को आशीष कुमार का जन्म पिता श्याम सिंह और माता संतरो देवी के घर में हुआ था. आशीष कुमार का एक जुड़वां भाई रोहित (25), बड़ा भाई राहुल (27) और बहन पूजा (29) है. उनकी बहन वन विभाग में बतौर फोरेस्ट गार्ड तैनात हैं. 

    मेजर दीपक धवन ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर बुधवार को बेस हॉस्पिटल दिल्ली पहुंचाया जाएगा. जहां रेथलिंग सेरेमनी के बाद उनकी पार्थिव देह की सिरमौर के लिए रवानगी की जाएगी. उन्होंने कहा कि वीरवार तक शहीद की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचेगी. जहां उनका राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.

  • भाट्ट ब्राह्मण कल्याण समिति की बैठक में बड़ा फैसला: अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल होने की मांग

    भाट्ट ब्राह्मण कल्याण समिति की बैठक में बड़ा फैसला: अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल होने की मांग

    HNN/सिरमौर

    सिरमौर जिला के गिरी पार क्षेत्र के भाट्ट ब्राह्मण कल्याण समिति की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बैठक में समिति ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि वे अपने समुदाय को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग करेंगे।

    जानकारी के मुताबिक, बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति हिमाचल उच्च न्यायालय में दायर याचिका का पुरजोर समर्थन करेगी और आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा, समिति ने यह भी निर्णय लिया कि यदि उच्च न्यायालय से रोक हट जाती है, तो वे हिमाचल सरकार से अपने वर्ग को अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग के दोनों प्रमाण पत्र जारी करने की मांग करेंगे।

    बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ओबीसी वर्ग में किसी जाति को शामिल करना या बाहर करना अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का एकाधिकार है, और यदि गिरी पार क्षेत्र के भाट्ट ब्राह्मणों को ओबीसी से बाहर कर दिया जाता है, तो उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल होना हितकर होगा।बैठक में कार्यकारिणी के कई सदस्यों ने भाग लिया और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।

  • नौहराधार, हरिपुरधार व चूड़धार में हुई बर्फबारी, शीतलहर का बढ़ा प्रकोप

    नौहराधार, हरिपुरधार व चूड़धार में हुई बर्फबारी, शीतलहर का बढ़ा प्रकोप

    HNN/ सिरमौर

    हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की ऊंची चोटियों पर आज बर्फबारी हुई है। बर्फबारी होने से तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है। लोगों को कड़कड़ाती ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

    बता दें आज शनिवार को चूड़धार में नौवां हिमपात हुआ, वहीं साथ लगते उपमंडल संगड़ाह के नौहराधार व हरिपुरधार में भी आज सीजन का तीसरा हिमपात हुआ। चूड़धार में करीब आधा फुट ताजा हिमपात हुआ है, जबकि नौहराधार में केवल दो इंच बर्फ अब तक पड़ा है।

    सिरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह के कुछ इलाकों में औलावृष्टि भी हुई है। गौरतलब है कि आज शनिवार सुबह से ही सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में धुप खिली हुई थी। मगर दोपहर बाद अचानक ही बर्फ गिरनी शुरू हुई। बर्फबारी होने से लोगों के चेहरे भी खिल उठे।

  • हिमाचल पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात सिरमौर के शुभम शर्मा बने अनुभाग अधिकारी

    हिमाचल पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात सिरमौर के शुभम शर्मा बने अनुभाग अधिकारी

    HNN/ सिरमौर

    हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के रहने वाले शुभम शर्मा अनुभाग अधिकारी बने हैं। बता दें 29 वर्षीय शुभम शर्मा जिला सिरमौर के संगड़ाह पुलिस थाना में अपनी सेवाएं बतौर आरक्षी दे रहे थे। पुलिस विभाग के लिए उनका चयन वर्ष 2016 में हुआ। वह मूलतः सिरमौर के कोटला मोलर पंचायत के रहने वाले है।

    उनकी इस उपलब्धि से परिजनों में काफी ख़ुशी का माहौल है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले शुभम शर्मा ने नौंवी कक्षा तक की पढ़ाई कोटला मोलर में ही पूरी की। इसके बाद दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के लिए आदर्श विद्या निकेतन स्कूल में दाखिला ले लिया।

    शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला से जमा दो की पढ़ाई पूरी की। पुलिस में सेवारत रहने के बाद भी प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं की तैयारी को नहीं छोड़ा। इसी बीच उन्होंने हिमाचल प्रदेश वित्त व लेखा सेवा परीक्षा उतीर्ण की। बता दें इसकी मुख्य परीक्षा सितंबर में आयोजित हुई थी।