Category: Lahaul and Spiti

  • दर्दनाक हादसा- सड़क से लुढ़क कर गहरी खाई में गिरी कार, दो लोगों की मौत

    दर्दनाक हादसा- सड़क से लुढ़क कर गहरी खाई में गिरी कार, दो लोगों की मौत

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के मेह नाला में पेश आए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतकों की पहचान थिनले पुत्र छोटू राम निवासी खंगसर लाहौल-स्पीति और नवांग टशी पुत्र तोबदन निवासी खंगसर लाहौल-स्पीति के रूप में हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को दोनों लोग गाड़ी में सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान जैसे ही गाड़ी मेह नाला में पहुँची तो चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

    हादसे का पता चलने के बाद लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और गहरी खाई में उतर कर दोनों के शवों को कब्जे में लिया गया।

    उधर, पुलिस अधीक्षक केलांग मानव वर्मा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने से 2 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल केलांग पहुंचाया गया है।

  • पेयजल स्रोतों व नलों के जमने से लोगों की बढ़ी मुसीबतें

    पेयजल स्रोतों व नलों के जमने से लोगों की बढ़ी मुसीबतें

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिसके चलते पेयजल स्रोत जम गए हैं। इतना ही नहीं पेयजल पाइपों का पानी भी जाम हो गया है जिससे लोगों के घरों में जल नहीं आ रहा है। पेयजल स्रोतों व नलों के जमने से लोगों को पीने तक के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं कुछ क्षेत्रों में तो लोग बर्फ को पिघला कर पानी जुटा रहे हैं।

    बात अगर जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति और जिला किन्नौर की करें तो यहाँ लोग कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे है। यहाँ रात को तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। दोनों जिलों के कई क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों व नलों के जमने से लोगों को पेयजल के लिए खासी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं। दोनों जिलों में झरनों और झीलों का पानी जम चुका है।

  • बर्फ के दीदार को कोकसर में लग गया पर्यटकों का मेला, कारोबार ने पकड़ी रफ़्तार

    बर्फ के दीदार को कोकसर में लग गया पर्यटकों का मेला, कारोबार ने पकड़ी रफ़्तार

    HNN/ लाहौल

    लाहौल के पर्यटन स्थल कोकसर में इन दिनों पर्यटकों का मेला लग रहा है। प्रतिदिन पर्यटन स्थलों में पहुंचने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या बढ़ रही है। बर्फ के दीदार के लिए पर्यटक कोकसर में पहुंच रहे हैं। खासतौर पर वीकेंड में पर्यटकों की आमद बढ़ रही है। बाहरी राज्यों से हर रोज 600 से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंच रहे हैं।

    बता दें, कोकसर में खिली धूप के बीच इन दिनों सैंकड़ों पर्यटक बर्फ के दीदार को पहुँच रहे है। यहाँ पहुँचने वाले पर्यटक साहसिक गतिविधियों का भी खूब आनंद ले रहे हैं। पर्यटन कारोबारियों ने बताया कि पर्यटक कोकसर में बर्फ का आनंद ले रहे हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद पर्यटन कारोबार में तेजी आई है। मनाली आने वाले पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • 23 वर्षीय जवान की ड्यूटी के दौरान मौत, शौक में डूबा….

    23 वर्षीय जवान की ड्यूटी के दौरान मौत, शौक में डूबा….

    HNN/ लाहौल- स्पीति

    हिमाचल प्रदेश के जवान की अचानक मौत होने से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी बात यह है कि जवान की उम्र महज 23 साल थी। अपने जवान बेटे को खोने के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। माता परवीन और पिता गणेश लाल को यकीन ही नहीं हो रहा कि उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा।

    बता दे, निखिल कुमार (23) जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के सिंदवाड़ी गांव से संबंध रखते थे और 2018 में लद्दाख स्काउट्स में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। निखिल चार साल से देश सेवा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ही लेह में निखिल कुमार की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों को जैसे ही निखिल की मौत का समाचार मिला तो वह बेसुध हो गए।

    हालांकि, सोमवार को जवान निखिल का पार्थिव शरीर कुल्लू जिला के गदौरी लाया गया है। आज जवान का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

  • स्पीति की बच्चियों के लिए वरदान साबित हो रहा काजा का कन्या छात्रावास

    स्पीति की बच्चियों के लिए वरदान साबित हो रहा काजा का कन्या छात्रावास

    HNN / लाहौल-स्पीति

    पिछले कई सालों से काजा का कन्या छात्रावास स्पीति की बच्चियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहाँ हॉस्टल में रहने वाली बच्चियों को नियमों के पालन के साथ बेहतरीन पढ़ाई के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। बीते कल भी काजा के कन्या छात्रावास में छात्राओं को डाबर कंपनी का टूथपेस्ट वितरित किया गया।

    इस मौके पर एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने बच्चों को टूथपेस्ट वितरित किए और कहा कि कारवां संस्था द्वारा जो सहयोग छात्रावास की छात्राओं के लिए किया जा रहा है, उसका वह विशेष आभार व्यक्त करते है। उन्होंने कारवां संस्था के अध्यक्ष इशू ठाकुर को हॉस्टल में 100 टूथपेस्ट भेजने के लिए आभार व्यक्त किया है।

    बता दें कि इस छात्रावास में बच्चियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जाता है, ताकि वह मुसीबत के समय खुद को इस कदर काबिल बना सके कि हर मुसीबत का डटकर सामना कर सके।

  • देश में खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है लाहौल-स्पीती: प्रो. प्रकाश बंसल

    देश में खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है लाहौल-स्पीती: प्रो. प्रकाश बंसल

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और इंडियन टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी कांग्रेस द्वारा आयोजित चार दिवसीय कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शोधकर्ताओं ने सिस्सु में देश व हिमाचल प्रदेश में पर्यटन संभावनाओं को लेकर मंथन किया। देश भर से आए शिक्षाविदों और शोधार्थियों का कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का सत्र सिस्सु लाहौल में हुआ।

    इस दौरान सत्र के विशेष अतिथि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सत प्रकाश बंसल रहे। कुलपति ने कहा कि लाहौल-स्पीति अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए देशभर में जाना जाता है।

    इस स्थान पर पर्यटन की अपार संभावनाएं है जिससे लाहौल-स्पीति को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी तथा स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस दौरान उन्होंने कॉन्फ्रेंस में आए सभी लोगों से कहा कि सभी लाहौल स्पीति के बारे में कुछ अनुभव साझा करें ताकि सभी अनुभवों को एकत्रित करके उसे किताब का रूप दिया जाए।

    यह किताब यहां आने वाले पर्यटकों के लिए लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के प्रयासों से यहां की खूबसूरती बरकरार है। इस दौरान देश-विदेश से आए लगभग 150 को तकनीकी सत्र के साथ-साथ सिस्सु और मनाली भ्रमण के लिए ले जाया गया।

  • साहसिक खेलो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जाएगा कयाकिंग अभियान

    साहसिक खेलो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जाएगा कयाकिंग अभियान

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    जिला लाहौल-स्पीति में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शीतकालीन पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बल प्रदान किया जा रहा है। उपायुक्त लाहौल स्पीति सुमित खिमटा ने बताया कि जिला लाहौल-स्पीति में प्रथम बार कयाकिंग अभियान को लेकर अटल बिहारी वाजपेई पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान मनाली और जिला लाहौल-स्पीति के संयुक्त तत्वाधान में चंद्रभागा नदी में 75 किलोमीटर कयाकिंग अभियान आयोजित किया जा रहा है।

    यह अभियान कोकसर पुल से पीछे चंद्रभागा नदी में डोरनी मोड से तान्दी संगम होते हुए उदयपुर तक चलाया जाएगा। अनुदेशक अटल बिहारी वाजपेई पर्वतारोहण संस्थान मनाली गिमनर सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव 75 वर्ष के उपलक्ष्य में इस अभियान का आयोजन कर शीतकालीन खेलों को उजागर करने के उद्देश्य से अभियान के लीडर अविनाश नेगी निदेशक अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली की अगुवाई में रिवर राफ्टिंग सेंटर व रेस्क्यू टीम द्वारा इस अभियान में भाग लिया जा रहा है।

    उपायुक्त लाहौल सुमित खिमटा कोकसर पुल से 28 नवंबर को कयाकिंग अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तीन दिवसीय कयाकिंग 28 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व ब्यास नदी में भी मनाली से पोंग बांध तक 2019 में अभियान चलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था।

  • यात्रियों से भरी बस की हुई ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

    यात्रियों से भरी बस की हुई ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

    HNN / लाहौल-स्पीति

    हिमाचल प्रदेश में आज एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। यहां यात्रियों से भरी एक एचआरटीसी की बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार रिकांगपिओ-कुल्लू-केलांग रुट पर चलने वाली केलांग डिपो की एचआरटीसी बस अपने रूट पर जा रही थी।

    बस में तकरीबन 31 यात्री सवार थे। जैसे ही बस कैंची मोड़ पर पहुंची अचानक ब्रेक फेल होने से बाहर की तरफ निकल गई। बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। ऐसे में चालक ने सूझबूझ से हैंड ब्रेक लगाकर बस को पलटने से बचा लिया। यदि चालक मुस्तैदी नहीं दिखाता तो बस मोड़ पर पलट सकती थी। वही , हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है, सभी सुरक्षित है।

    फिलहाल हादसे की जांच की जा रही है। तकनीकी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर बस की ब्रेक फेल हुई थी या किसी अन्य कारण से बस अनियंत्रित हो गई थी।

  • भारतीय वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती, जल्द करें रजिस्ट्रेशन…

    भारतीय वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती, जल्द करें रजिस्ट्रेशन…

    HNN/ लाहौल स्पीति

    भारतीय वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 नवंबर से शुरू हो चुकी है। लाहौल स्पीति के इच्छुक युवाओं को इस अधिसूचना के बारे में सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से सूचित किया जा रहा है। आईएएफ भर्ती 2022 के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट agnipathvayu.cdac.in पर जाना होगा। उम्मीदवार 23 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।

    27 जून 2002 और 27 दिसंबर 2005 के बीच जन्म लेने वाले उम्मीदवार अग्निवीर वायु 2022 भर्ती के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। नामांकन की तिथि के अनुसार उम्मीदवारों की आयु सीमा 21 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता मुख्य तौर पर मैथ्स, फिजिक्स और इंग्लिश विषयों के साथ 12वीं पास है। इसमें भी इंग्लिश विषय में 50 प्रतिशत से अधिक अंक होने चाहिए। इसके लिए भी शैक्षिक योग्यता को लेकर बहुत सी अर्हताएं हैं जिनके विषय में पता करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नोटिस चेक कर सकते हैं।

    कैंडिडेट्स को आईएएफ अग्निवीर वायु भर्ती के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए 250 रुपए शुल्क देना होगा। पेमेंट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी माध्यम से हो सकता है। आईएएफ अग्निवीर वायु भर्ती प्रक्रिया में चयन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में ऑनलाइन परीक्षा होगी, दूसरे चरण में भी ऑनलाइन एग्जाम और फिजिकल फिटनेस टेस्ट होगा।

    साथ ही एडेप्टेबिलिटी टेस्ट वन और टू होगा और तीसरे चरण में मेडिकल एग्जाम लिया जाएगा। सेलेक्टेड कैंडिडेट्स की लिस्ट फरवरी में प्रकाशित होगी। आवेदन करने वाले पुरुष अभ्यर्थी की लंबाई कम से कम 152.5 से.मी और महिला अभ्यर्थी की लंबाई कम से कम 152 से.मी होनी चाहिए। पुरुष अभ्यर्थियों के सीने की चौड़ाई कम से कम 77 सेमी हो। वे सीना 5 से.मी फुला सके।

  • लगातार गिरते तापमान से पेयजल पाइप और झीलों का पानी जमा, लोगों सहित जीव जंतुओं की बढ़ी मुश्किलें

    लगातार गिरते तापमान से पेयजल पाइप और झीलों का पानी जमा, लोगों सहित जीव जंतुओं की बढ़ी मुश्किलें

    HNN/ लाहौल

    हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की इन दिनों मुसीबतें लगातार बढ़ती ही जा रही है। लगातार गिरता तापमान ना केवल लोगों बल्कि जीव जंतुओं के लिए भी परेशानी बढ़ा रहा है। आलम यह है कि लगातार गिरते तापमान के कारण पेयजल पाइप, झील और झरने जमने लग पड़े हैं जिससे पानी का संकट खड़ा हो गया है।

    एक तरफ जहां बर्फ से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और झील झरनों के जमा पानी का ऐसा दिलकश नजारा देखकर पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है तो वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के लिए यह मुसीबतों के अंबार से कम नहीं है। अक्सर सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही पहाड़ों पर पेयजल स्तोत्र जाम होने लगते हैं।

    इस बार नवंबर माह में ही झरने, झीलों का पानी जम गया है। मनाली-लेह मार्ग पर स्थित दीपकताल झील माइनस तापमान में जम गई है। ऐसे में इस झील का दीदार अब अप्रैल के बाद ही पर्यटक कर पाएंगे। उधर, घाटी की चंद्रताल, सूरजताल, नीलकंठ समेत दूसरी झीलों का पानी भी जम चुका है। रिहायशी इलाकों में लोगों को पीने के पानी के लिए कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

    इसका मुख्य कारण यह है कि नल पूरी तरह से जम चुके हैं जिससे लोगों के घर में जल नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं पानी के स्रोत जमने से न केवल इंसानों को बल्कि जीव-जंतुओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जीव जंतुओं को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है जिसके चलते वह रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।