Category: SHRI RENUKA JI

  • श्री रेणुका जी आरवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू ने मनाया 35वां स्थापना दिवस

    श्री रेणुका जी आरवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू ने मनाया 35वां स्थापना दिवस

    रंगारंग प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के साथ शानदार आयोजन

    कार्यक्रम की भव्य शुरुआत
    श्री रेणुका जी आरवीएन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ददाहू ने 35वें स्थापना दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर की मुख्य अतिथि रेणुका थाना प्रभारी प्रियंका चौहान थीं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और रंगारंग कार्यक्रमों की झड़ी लगाई।

    नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियां बनी मुख्य आकर्षण
    विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रैंप वॉक के जरिए सभी का मन मोह लिया। छात्रों ने “फ्री माइंड पढ़ाई” पर प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके साथ ही, बॉलीवुड डांस, भांगड़ा, डांस मासअप और पहाड़ी नाटी ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

    प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान
    मुख्य अतिथि प्रियंका चौहान ने विद्यालय की विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे बच्चों को मैडल पहनाकर सम्मानित किया। बच्चों की शैक्षणिक और खेलकूद उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित किया।

    विद्यालय की स्थापना और इतिहास
    विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश ठाकुर ने बताया कि श्री रेणुका जी आरवीएन पब्लिक स्कूल की नींव 19 जनवरी 1991 को निर्देशक राजेंद्र ठाकुर द्वारा रखी गई थी। यह क्षेत्र का पहला प्राइवेट स्कूल है, जिसने अनेक डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं।

    विशेष अतिथियों की उपस्थिति
    कार्यक्रम में निदेशक राजेंद्र ठाकुर, एमडी मंजीत ठाकुर, प्रिंसिपल बृजेश ठाकुर, वाइस प्रिंसिपल दिव्या, एसएमसी प्रधान विशाल वर्मा, अभिभावक, स्टाफ और सभी छात्र मौजूद थे।

  • मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने रेणुका झील में किया पवित्र स्नान

    मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने रेणुका झील में किया पवित्र स्नान

    हवन, यज्ञ और दान के साथ मनाया गया पर्व, पापों से मुक्ति का संदेश

    रेणुका झील में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

    मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध रेणुका झील में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ स्नान किया। इस धार्मिक आयोजन में रेणुका विकास बोर्ड की ओर से हवन और यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।


    धार्मिक और सामाजिक महत्व

    हिमाचल प्रांत के श्री महंत और महामंडलेश्वर दयानंद भारती ने बताया कि मकर संक्रांति पर स्नान करने का महत्व भागीरथी और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने के बराबर है। उन्होंने कहा कि रेणुका झील में स्नान से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि कायिक, वाचिक और मानसिक पाप भी नष्ट हो जाते हैं।


    दान का महत्व

    महंत दयानंद भारती ने यह भी बताया कि मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है। इस दिन दान करने से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।


    कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

    कार्यक्रम में रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ भरत सिंह, तहसीलदार ददाहू जय सिंह ठाकुर, इंद्रप्रकाश गोयल, मुल्तान सिंह देवा, रमेश कपिल, और माताराम यात्री सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


  • रेणुका बांध विस्थापित परिवारों को पहचान पत्र हुए वितरित , ददाहू में उपकोष कार्यालय का लोकार्पण

    रेणुका बांध विस्थापित परिवारों को पहचान पत्र हुए वितरित , ददाहू में उपकोष कार्यालय का लोकार्पण

    340 परिवारों को पहचान पत्र और 48 लाख से बने कार्यालय का उद्घाटन

    विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने नाहन विकास खंड के अंतर्गत ददाहू में 48 लाख रुपये की लागत से बने उपकोष कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ट्रेजरी का अपना भवन बनने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही तहसील कार्यालय में कमरों की कमी भी अब दूर हो सकेगी।

    उपकोष कार्यालय से मिलेगी सुविधा:
    विनय कुमार ने बताया कि विभिन्न विभागों के डीडीओ इस कार्यालय के माध्यम से करोड़ों रुपये का वार्षिक लेनदेन करते हैं। नए भवन से उनकी कार्यक्षमता और सुविधा में सुधार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस भवन के निर्माण के लिए राजस्व विभाग ने अपनी चार बिस्वा भूमि वित्त विभाग के नाम स्थानांतरित की थी।

    रेणुका बांध विस्थापित परिवारों को पहचान पत्र वितरण:
    इसके बाद उपाध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में 340 परियोजना प्रभावित परिवारों को पहचान पत्र वितरित किए। यह पहचान पत्र संगडाह, गवाही और बाऊनल-काकोग पंचायतों के परिवारों को पहले चरण में प्रदान किए गए।

    परियोजना की स्थिति:
    विनय कुमार ने बताया कि रेणुका बांध परियोजना में 20 पंचायतों के 37 गांवों के लगभग 2400 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से 1362 परिवारों को अधिसूचित किया जा चुका है, जबकि बाकी परिवारों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, 95 परिवारों को गृह विहीन घोषित किया गया है।

    आर एंड आर योजना का लाभ:
    उपाध्यक्ष ने कहा कि पहचान पत्र प्राप्त करने वाले परिवारों को पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आर एंड आर) योजनाओं और इससे जुड़ी अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

    सम्मान और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
    समारोह के दौरान रेणुका बांध परियोजना के कार्यवाहक महाप्रबंधक ई. संजीव कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें शाल, टोपी और परशुरामजी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और प्रभावित परिवारों के सदस्य भी उपस्थित रहे।

  • श्री रेणुका जी वेटलैंड में पर्यावरण सुरक्षा का जिम्मा देखेगी इको विकास समिति

    श्री रेणुका जी वेटलैंड में पर्यावरण सुरक्षा का जिम्मा देखेगी इको विकास समिति

    सेंचुरी के आवरण में सुधार के साथ-साथ लोकल प्रोड्यूस बनेंगे सदस्यों की इनकम का बड़ा जरिया

    वेटलैंड व रामसर साइट के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त श्री रेणुका जी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के पर्यावरण की सुरक्षा का जिम्मा अब इको डेवलपमेंट कमेटी के हाथों में होगा।

    हिमाचल प्रदेश वाइल्ड लाइफ के द्वारा इस सेंचुरी के लिए इको डेवलपमेंट कमिटी के गठन की कवायद को शुरू कर दिया गया है। इस कमेटी में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ स्थानीय स्टेकहोल्डर जैसे की रेणुका जी विकास बोर्ड रिवेन्यू डिपार्मेंट सहित अन्य विभाग भी शामिल होंगे।

    एचपी कोऑपरेटिव सोसाइटी के तहत इसके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लगभग पूरा कर दिया गया है । जल्द ही यह कमेटी फंक्शनिंग में भी आ जाएगी। पर्यावरण सुरक्षा समिति के गठन के बाद इस पूरे क्षेत्र की साफ सफाई, चिड़ियाघर की इनकम और स्थानीय ग्रामीणो के लोकल प्रोड्यूस इनकम का बड़ा साधन बने यह व्यवस्था भी देखी जाएगी।

    चूंकि यह रामसर साइट है लिहाजा पर्यावरण की सुरक्षा की प्रमुखता के साथ वन्य जीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बताना जरूरी है कि इस वेटलैंड क्षेत्र में सतयुग कालीन झील भी है जिसका धार्मिक पर्यटन के नजरिए से महत्व तो है ही साथ ही झील के सेडिमेंट्स के आधार पर वैज्ञानिक हिमालय क्षेत्र के मौसम और पर्यावरण पर भी रिसर्च करते हैं। ऐसे में इको डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से यहां की संपदाओं का उचित दोहन भी हो पाएगा।

    बड़ी बात तो यह भी है कि यहां के सुरक्षित वातावरण को देखते हुए जहां लेपर्ड एंक्लोजर को एक्सटेंड किया जा रहा है वही मार्च अप्रैल तक टाइगर बाड़े का निर्माण कार्य पूरा कर वन्य प्राणी प्रेमियों को बाघ के दीदार भी होंगे।

    वाइल्ड लाइफ फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर दिव्या शर्मा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि एक डेवलपमेंट कमेटी का रजिस्ट्रेशन ओंनगोइंग है जल्द ही रजिस्ट्रेशन भी मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि टाइगर एंक्लोजर के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी से परमिशन मिल चुकी है। मार्च अप्रैल तक इन क्लोजर का कार्य भी पूर्ण कर दिया जाएगा।

  • अयोध्या भ्रमण के लिए महिला कांग्रेस दल को विधानसभा उपाध्यक्ष ने किया रवाना

    अयोध्या भ्रमण के लिए महिला कांग्रेस दल को विधानसभा उपाध्यक्ष ने किया रवाना

    महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम, 7 दिवसीय यात्रा का शुभारंभ

    रेणुका जी से महिला कांग्रेस दल की सात दिवसीय अयोध्या यात्रा का शुभारंभ आज विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दल में रेणुका विधानसभा क्षेत्र की 62 पंचायतों से 61 महिलाएं शामिल हैं। यह यात्रा अयोध्या, वृंदावन, मथुरा, काशी, नेम शरण, बरसाना और कुरुक्षेत्र जैसे धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेगी और अंत में रेणुका जी पर समाप्त होगी।

    महिला सशक्तिकरण के लिए पहल:
    विनय कुमार ने कहा कि यह यात्रा उनकी महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस दल के रहने और भोजन की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। यात्रा का पूरा खर्च उनके निजी खर्चे से वहन किया जा रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है ताकि वे अपने द्वारा निर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजारों में उचित दामों पर बेच सकें।

    महिलाओं के लिए समान अवसर:
    विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को अपने जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    इस अवसर पर एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान, मित्र सिंह तोमर, ओम प्रकाश ठाकुर, तहसीलदार, आरओ वाइल्डलाइफ, एसडीओ विद्युत सहित कई अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे। इस यात्रा ने महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों को एक नई दिशा दी है।

  • नव वर्ष 2025 पर श्री रेणुका जी तीर्थ में हवन यज्ञ का हुआ आयोजन

    नव वर्ष 2025 पर श्री रेणुका जी तीर्थ में हवन यज्ञ का हुआ आयोजन

    रेणुका जी विकास बोर्ड के सदस्यों सहित तहसीलदार ने भी डाली पूर्ण आहुति

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ श्री रेणुका जी

    श्री रेणुका जी तीर्थ में श्री रेणुका जी विकास बोर्ड द्वारा नव वर्ष 2025 के अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य याज्ञिक ठाकुर जय सिंह तहसीलदार ददाहु रहे, जिनके साथ उनकी धर्म पत्नी और परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

    इस आयोजन में भरत सिंह ठाकुर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रेणुका जी विकास बोर्ड, इंद्र प्रकाश गोयल सदस्य श्री रेणुका जी विकास बोर्ड, चतर सिंह उपाध्यक्ष BDC संगडाह, मुख्य पुजारी मन्दिर रमेश कपिल, पंडित रवि दत्त राजेंद्र दत्त, माता राम, तारा दत्त बोर्ड, वीरेंद्र ठाकुर कर्मचारीगण व अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

    हवन यज्ञ के दौरान सभी ने मिलकर पूजा-अर्चना की और नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया और नव वर्ष की शुभकामनाएं दी गईं।

  • श्री रेणुका जी हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने मनाया 18वां स्थापना दिवस

    श्री रेणुका जी हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने मनाया 18वां स्थापना दिवस

    श्री रेणुका जी हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) ने अपना 18वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर रेणुका बांध के डीडीएम राकेश निर्मोही ने झंडा फहराया और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत आरवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ददाहू के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई।

    राकेश निर्मोही ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन एक तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सक्षम संस्था है, जो प्रदेश और देश के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने बताया कि रेणुका बांध परियोजना को लेकर अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और 2025 में परियोजना का कार्य शुरू होने की संभावना है।

    एचपीपीसीएल अब तक 281 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर चुका है और 2024 तक 861 मेगावाट उत्पादन क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेणुका बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जनता के सहयोग की अपील की गई।

    इस अवसर पर आर एंड आर प्लान के सीनियर मैनेजर डॉ. नीरज सिंघल, सीनियर मैनेजर सुनील गुप्ता, वीरेंद्र जस्सल, रोहित वर्मा, विशाल वर्मा, कपिल ठाकुर सहित रेणुका बांध के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

  • श्री रेणुकाजी को नई पंचायत बनाने की मांग तेज, महामंडलेश्वर ने डीसी को लिखा पत्र

    श्री रेणुकाजी को नई पंचायत बनाने की मांग तेज, महामंडलेश्वर ने डीसी को लिखा पत्र

    “धार्मिक नगरी को नई पहचान देने की मांग, विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद”

    जिला सिरमौर की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी श्री रेणुकाजी को लेकर नई पंचायत के गठन की मांग ने जोर पकड़ लिया है। महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने इस विषय में डीसी सिरमौर सुमित खिमटा को पत्र लिखकर श्री रेणुकाजी को अलग पंचायत का दर्जा देने का आग्रह किया है।

    महामंडलेश्वर ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में श्री रेणुकाजी तीर्थ को खालाक्यार पंचायत का हिस्सा बनाया गया है, जिसका मुख्यालय बेडोन गांव में स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से बेडोन और श्री रेणुकाजी के बीच की दूरी बहुत कम है, लेकिन खालाक्यार पंचायत का मुख्यालय श्री रेणुकाजी से करीब 8 किलोमीटर दूर है।

    उन्होंने सुझाव दिया है कि धारटारण और उसके आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर श्री रेणुकाजी के नाम से एक नई पंचायत बनाई जाए। इससे धार्मिक नगरी श्री रेणुकाजी का नाम पंचायती राज विभाग में शामिल होगा और क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी आएगी।

    महामंडलेश्वर ने यह भी कहा कि मौजा श्री रेणुकाजी को मौजा धारटारण से अलग करके खालाक्यार में शामिल करने का कोई औचित्य नहीं है। उनकी मांग है कि धारटारण और श्री रेणुकाजी को मिलाकर एक नई पंचायत बनाई जाए, जिससे दोनों क्षेत्रों के निवासियों को भी सुविधा होगी।

    स्थानीय मांग का बढ़ता समर्थन
    इस मुद्दे पर क्षेत्रीय जनता का भी समर्थन बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नई पंचायत बनने से विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी। धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण श्री रेणुकाजी को अलग पंचायत बनाना आवश्यक हो गया है।

    अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है। हालांकि, इस विषय पर अभी तक डीसी सिरमौर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • श्री रेणुकाजी बांध (Shri Renuka Ji Dam Project) प्रभावितों की सूची तैयार, प्रभावितों में हाउसलैस भी शामिल

    श्री रेणुकाजी बांध (Shri Renuka Ji Dam Project) प्रभावितों की सूची तैयार, प्रभावितों में हाउसलैस भी शामिल

    विस्थापितों के पुनर्स्थापन के लिए 419 बीघा के अलावा तलाशी जा रही जमीन

    बहुउद्देशीय श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना के लिए जहां एचपीपीसीएल ने मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट की ओर से लगी आपत्तियों की दूर करने में सफलता हासिल की है, वहीं अब डैम से प्रभावित होने वाले विस्थापित परिवारों की सूची भी तैयार कर ली है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले फेज के सर्वे में श्री रेणुकाजी डैम से प्रभावितों में 1362 परिवार शामिल किए गए हैं। बड़ी बात ये है कि इस सूची में भूमिहीन और हाउसलैस 95 परिवारों को भी प्रभावितों में शामिल किया गया है।

    समीक्षा और प्रक्रिया

    हालांकि, ये सूची अभी अंतिम नहीं है। लेकिन जितने परिवार अभी प्रभावितों में शामिल किए गए हैं, उन्हें फाइनल कर दिया गया है। एचपीपीसीएल की ओर से सूचना भी जारी की गई है कि यदि कोई बनाई गई प्रभावित लिस्ट से छूट गया हो तो वह अपना क्लैम दे सकता है।

    भूमि चयन और पुनर्स्थापन प्रक्रिया

    कार्पोरेशन द्वारा बांध से विस्थापित होने वाले परिवारों को अन्य स्थान पर बसाने को लेकर सिरमौर में ही चार अलग-अलग जगह पर 419 बीघा जमीन का चयन पहले ही कर लिया गया है, जिसमें अंबोया, टोकियो, चाकली और सैनवाला (पांवटा साहिब) शामिल है। इसके साथ-साथ एचपीपीसीएल अन्य जगहों पर भी जमीन की तलाश कर रहा है।

    आपत्तियों और रोजगार के समाधान

    अच्छी बात ये भी है कि एचपीपीसीएल जितने भी डैम प्रभावितों की ओर से जितनी भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनका भी गंभीरता से समाधान कर रहा है। यही नहीं, निर्माण के दौरान अधिकतर कार्यों में विस्थापित परिवारों को भी रोजगार उपलब्ध कराने का समाधान रखा गया है। मौजूदा समय में भी कई विस्थापित परिवारों के लोग रोजगार ले रहे हैं।

    निदेशक की जानकारी

    उधर, एचपीपीसीएल के निदेशक हरिकेष मीणा ने बताया कि डैम का निर्माण को लेकर लगभग सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, जिसमें बांध प्रभावितों के मुआवजे से लेकर उनके पुनर्स्थापन के लिए भी प्रभावितों की सूची तैयार की जा चुकी है। इसमें 1363 डैम प्रभावित परिवार हैं। इसके अलावा 95 ऐसे परिवार भी हैं, जो हाउसलैस अथवा लैंडलैस की श्रेणी में आते हैं। उनको भी प्रभावितों में शामिल किया गया है।

  • रेणुका झील किनारे ‘‘ग्रीन रेणुका फेयर’’: स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

    रेणुका झील किनारे ‘‘ग्रीन रेणुका फेयर’’: स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

    3.5 टन कचरे को किया गया रीसायकल

    रेणुका मेले का ग्रीन सफर
    जिला सिरमौर की प्रसिद्ध रेणुका झील के किनारे 11 से 15 नवंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला अब ‘‘ग्रीन रेणुका फेयर’’ के नाम से पहचाना जाने लगा है। यह मेले का दूसरा वर्ष है जब आयोजन में सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार किया गया। उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस बार मेले में स्वच्छता को प्राथमिकता दी, जहां दुकानदारों को कचरा छंटाई के लिए प्रेरित किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।

    सफाई और जागरूकता के संयुक्त प्रयास
    मेले के दौरान जिला प्रशासन, वेस्ट वॉरियर्स, और पहाड़ी समाज पर्यावरण कवच के संयुक्त प्रयास से शॉप-टू-शॉप कचरा संग्रहण और विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया गया। स्थानीय महिला मंडलों, युवक मंडलों और ददाहू कॉलेज के स्वयंसेवकों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को फैलाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए। इस प्रयास से मेला क्षेत्र में स्वच्छता को सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।

    3.5 टन कचरे को किया गया रीसायकल
    22 नवंबर, 2024 को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर, तहसीलदार ददाहू और रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ की अगुवाई में वेस्ट वॉरियर्स टीम ने मेले में एकत्रित 3.5 टन सूखे कचरे से भरे ट्रक को देहरादून में रीसायकल के लिए रवाना किया। यह कदम ग्रीन मेले की सफलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण पेश करता है।

    विशेष सफाई अभियान जारी
    24 नवंबर, 2024 को एसडीएम नाहन की अगुवाई में मेले के मेला मैदान में एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसके अलावा, रेणुका विकास बोर्ड के श्रमिक अभी भी मेले के पूरे क्षेत्र को साफ करने के कार्य में जुटे हैं। ‘‘ग्रीन रेणुका फेयर’’ न केवल स्वच्छता का उदाहरण बना है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समाज को जागरूक करने का एक आदर्श मंच साबित हुआ है।