Category: Sirmour

  • भगवान श्री परशुराम जी की पालकी के साथ आए पुजारी और बजंरियों का भत्ता हो दोगुना : मोहन ठाकुर

    भगवान श्री परशुराम जी की पालकी के साथ आए पुजारी और बजंरियों का भत्ता हो दोगुना : मोहन ठाकुर

    जामू स्थित भगवान श्री परशुराम सेवा दल मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से मंदिर निर्माण के लिए दान की अपील की है। पूर्व प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि श्री रेणुका जी मेले में भगवान परशुराम जी की पालकी के साथ आने वाले पुजारियों और बजंरियों का भत्ता दोगुना किया जाए।

    नाहन/श्री रेणुका जी

    मंदिर निर्माण के लिए की गई उदार दान की अपील
    भगवान श्री परशुराम सेवा दल मंदिर कमेटी जामू के सदस्य और पूर्व पंचायत प्रधान मोहन सिंह ठाकुर ने बताया कि भगवान श्री परशुराम जी के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कम से कम 51 हजार रुपये तथा ऋषि जमदग्नि के धूने के समीप निर्माणाधीन धर्मशाला के लिए 21 हजार रुपये की राशि दानस्वरूप भेंट की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

    भव्य मंदिर के निर्माण में दानियों का अपार योगदान
    मोहन ठाकुर ने बताया कि भगवान परशुराम के भक्तों की आस्था से जामू क्षेत्र में एक भव्य मंदिर तेजी से निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से विशेष पत्थर मंगवाकर कुशल कारीगर मंदिर निर्माण में जुटे हैं। अब तक करोड़ों रुपये की लागत से कार्य पूरा किया जा चुका है और मंदिर निर्माण पूरे जोर-शोर से जारी है।

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले को मिले और विकास
    उन्होंने कहा कि यह मेला पूरे भारत में माता श्री रेणुका जी और उनके पुत्र भगवान श्री परशुराम के मिलन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। मेले में करोड़ों का व्यापार होता है, इसलिए सरकार को चाहिए कि इसमें सेवा देने वाले कर्मचारियों का भत्ता दोगुना किया जाए।

    भक्तों से दान और सहयोग की अपील
    मोहन ठाकुर ने कहा कि जो भी श्रद्धालु भगवान श्री परशुराम जी के इस दिव्य मंदिर के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं, वे आगे आएं और इस पुण्य कार्य में अपनी भागीदारी निभाएं।

  • पी.एम. श्री विद्यालय नारग की संगीत प्रवक्ता अनुराधा राही का नया हिमाचली लोकगीत ‘सूले चलो जी’ रिलीज

    पी.एम. श्री विद्यालय नारग की संगीत प्रवक्ता अनुराधा राही का नया हिमाचली लोकगीत ‘सूले चलो जी’ रिलीज

    हिमाचल की लोकसंस्कृति को सुरों के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास में सिरमौर के नारग स्थित पी.एम. श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की संगीत प्रवक्ता अनुराधा राही का नया गीत “सूले चलो जी ज़रा धीरे चलो जी” रिलीज हुआ है।

    नारग (सिरमौर)।

    गुरु सुखदेव मधुर ने किया ऑनलाइन विमोचन
    गीत का विमोचन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित संगीत गुरु सुखदेव मधुर द्वारा ऑनलाइन किया गया, जो वर्तमान में न्यूज़ीलैंड में रहते हुए हिमाचली संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे रहे हैं। गीत “Swaranchal Official” यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

    संगीत संयोजन और गीतकार की विशेष भूमिका
    इस गीत के संगीत संयोजन का कार्य दीपू आज़ाद ने किया है, जबकि इसके बोल राज्य पुरस्कार प्राप्त गीतकार निशीकांत सौंमित्रा ने लिखे हैं। गीत में पहाड़ी बोलियों की मिठास, ग्रामीण जीवन की सहजता और हिमाचली परंपराओं की झलक बखूबी दिखाई देती है।

    पहले भी दिए हिट और जागरूकता से भरपूर गीत
    अनुराधा राही इससे पहले “मंडी त्रासदी” और “नशा निकरना” जैसे गीतों से श्रोताओं का दिल जीत चुकी हैं। उनके गीत समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोक संगीत को आधुनिक मंचों तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।

  • श्री रेणुका जी मेला क्षेत्र में मांस व मछली की बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध – जिला दंडाधिकारी सिरमौर

    श्री रेणुका जी मेला क्षेत्र में मांस व मछली की बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध – जिला दंडाधिकारी सिरमौर

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला, 2025 के दौरान संपूर्ण मेला क्षेत्र में मांस और मछली की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। जिला दंडाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

    नाहन।

    31 अक्तूबर से 5 नवम्बर तक रहेगा प्रतिबंध
    जिला दंडाधिकारी ने बताया कि 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर 2025 तक चलने वाले श्री रेणुका जी मेले के दौरान मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मांस या मछली विक्रय की दुकानें नहीं लगेंगी। आदेश का उद्देश्य मेले की धार्मिक मर्यादा बनाए रखना है।

    अस्थायी स्थल पर ही होगी बिक्री की अनुमति
    डीसी ने कहा कि इस अवधि में मांस और मछली की बिक्री के लिए जलाल पुल के अंतिम छोर, तिरमली दयाड रोड के बाईं ओर एक अस्थायी स्थान चिन्हित किया गया है, जहां सीमित रूप से बिक्री की जा सकेगी।

    धार्मिक माहौल बनाए रखने की अपील
    प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे मेले की पवित्रता और परंपरा का सम्मान करें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। आदेशों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला / 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर तक, पारंपरिक और भव्य रूप में होगा आयोजन : विनय कुमार

    अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला / 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर तक, पारंपरिक और भव्य रूप में होगा आयोजन : विनय कुमार

    नाहन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर तक पूरी भव्यता और परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। सभी विभागों को इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।

    नाहन।

    भव्य आयोजन के लिए तैयारियां पूरी
    उपाध्यक्ष विनय कुमार ने उपायुक्त कार्यालय नाहन में आयोजित बैठक में बताया कि मेले के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सरकार की विकासात्मक योजनाओं की प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और दंगल का आयोजन भी होगा।

    सुरक्षा और यातायात के लिए विशेष व्यवस्था
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा मेला मैदान, अस्थाई पुलों और सड़कों की मरम्मत कार्य भी पूर्ण कर लिया जाए।

    बैठक में मौजूद रहे विभिन्न अधिकारी
    बैठक में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी साझा की।

  • हिमाचल के ‘काले सोने’ की कहानी : सिरमौर में अफीम की लाइसेंसधारी खेती क्यों है समय की मांग?

    हिमाचल के ‘काले सोने’ की कहानी : सिरमौर में अफीम की लाइसेंसधारी खेती क्यों है समय की मांग?

    भारत के इतिहास में कुछ ऐसी कहानियाँ दफन हैं, जो आज भी वर्तमान की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को प्रभावित कर रही हैं। ऐसी ही एक कहानी जुड़ी है हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले और दुनिया की सबसे परिष्कृत अफीम की खेती से।

    सिरमौर

    औपनिवेशिक शोषण और ‘काला सोना’
    ब्रिटिश काल में सिरमौर अफीम की खेती का एक प्रमुख केंद्र था। अंग्रेजों ने यहां के किसानों से जबरन अफीम उगवाई, जिसे चीन और अन्य देशों को निर्यात किया जाता था। इसे ‘काला सोना’ कहा जाता था क्योंकि यह ब्रिटिश व्यापार के लिए सोने से भी अधिक मूल्यवान था।

    समृद्धि से पिछड़ेपन तक का सफर
    आजादी के बाद संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दबाव पर अफीम की खेती पर रोक लगी। सिरमौर, जो कभी इस खेती से समृद्ध था, धीरे-धीरे आर्थिक रूप से पिछड़ गया। विडंबना यह है कि आज उसी क्षेत्र के लोग मजदूरी के लिए शिमला के ऊपरी इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं।

    अफीम: नशा नहीं, दवा का भंडार
    अफीम का 90% हिस्सा दवाओं के निर्माण में उपयोग होता है। इससे मॉर्फिन, कोडीन और थेबाइन जैसी जीवन रक्षक दवाएं तैयार होती हैं। भारत, जो कभी अफीम का प्रमुख उत्पादक था, अब इसे विदेशों से आयात करता है, जिससे बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है।

    परमिट आधारित खेती की आवश्यकता
    राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सरकार की अनुमति से अफीम की खेती की जा रही है। सिरमौर की जलवायु और मिट्टी भी इस फसल के लिए उपयुक्त है। यदि यहां परमिट आधारित खेती शुरू की जाए, तो यह स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने के साथ दवा उद्योग के लिए भी सहायक सिद्ध होगी।

    आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
    अफीम की खेती को नशे से जोड़कर नहीं, बल्कि औषधीय दृष्टिकोण से देखना चाहिए। लाइसेंस और सख्त निगरानी के तहत सिरमौर में इस खेती को पुनः आरंभ करना न केवल किसानों के उत्थान बल्कि देश की चिकित्सा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

  • रेणुका विधानसभा के विनय छींटा बने भाजयुमो प्रदेश सचिव, क्षेत्र में खुशी की लहर

    रेणुका विधानसभा के विनय छींटा बने भाजयुमो प्रदेश सचिव, क्षेत्र में खुशी की लहर

    रेणुका विधानसभा क्षेत्र के तेजतर्रार युवा नेता विनय छींटा को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) हिमाचल प्रदेश का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति से पूरे रेणुका क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि वे इस क्षेत्र से एकमात्र युवा हैं जिन्हें प्रदेश स्तर पर स्थान मिला है।

    रेणुकाजी

    संगठन और सामाजिक सेवा में मजबूत पहचान
    विनय छींटा लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। वह विद्यार्थी परिषद (ABVP) में जेएनयू के संगठन मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। संगठन में उनके नेतृत्व और कार्यकुशलता की सराहना हर स्तर पर की जाती रही है।

    प्रदेश प्रवक्ता रहते दिखाया नेतृत्व कौशल
    प्रदेश प्रवक्ता के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान छींटा ने समाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी स्पष्ट विचारधारा और जनता से जुड़ाव के कारण संगठन में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

    संगठन हित और युवा सशक्तिकरण पर फोकस
    नई जिम्मेदारी मिलने के बाद विनय छींटा ने कहा कि वे संगठन हित को सर्वोपरि रखेंगे और प्रदेश के युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को संगठित कर समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    नेताओं और समर्थकों ने दी बधाई
    विनय छींटा ने अपनी नियुक्ति पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का विशेष आभार जताया। साथ ही जिला सिरमौर और रेणुका विधानसभा के भाजपा नेतृत्व का भी धन्यवाद किया। उनके समर्थकों और क्षेत्र के युवाओं ने इसे रेणुका क्षेत्र के राजनीतिक नेतृत्व को नई दिशा देने वाला कदम बताया।

  • श्री रेणुका जी / घर से 27 बोतलें अवैध शराब बरामद, पति-पत्नी पर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज

    श्री रेणुका जी / घर से 27 बोतलें अवैध शराब बरामद, पति-पत्नी पर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज

    सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी क्षेत्र में पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी दोनों को आरोपी बनाकर कार्रवाई शुरू की है।

    श्री रेणुका जी।
    थाना प्रभारी ने बताया कि टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में नरेंद्र कुमार पुत्र अमर सिंह, निवासी भरोग बनेड़ी, तहसील ददाहू, के तीन मंजिला मकान की तलाशी ली। तलाशी में घास के नीचे छुपाई गई देसी शराब संतरा की 21 सीलशुदा बोतलें, रॉयल स्टैग की 3 बोतलें, मैकडॉवेल की 1 बोतल, और 2 खुली बोतलें देशी शराब संतरा मिलीं।

    आरोपी बिना परमिट के शराब रखते थे
    नरेंद्र कुमार और उसकी पत्नी मीरा देवी पुलिस को कोई भी वैध परमिट या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में वे शराब के स्रोत के बारे में भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए।

    आबकारी अधिनियम में केस दर्ज, पुलिस जांच जारी
    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को नोटिस देकर पाबंद किया गया है और जांच नियमानुसार जारी है।

  • कोटडी व्यास स्कूल की हैंडबॉल टीम जिला स्तरीय प्रतियोगिता में रही उपविजेता, शानदार प्रदर्शन से जीता सबका दिल

    कोटडी व्यास स्कूल की हैंडबॉल टीम जिला स्तरीय प्रतियोगिता में रही उपविजेता, शानदार प्रदर्शन से जीता सबका दिल

    सिरमौर जिले के मानपुर देवरा में आयोजित एस.जी.एफ.आई. अंडर-14 बॉयज जिला स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में शहीद कमल कांत मेमोरियल विद्यालय कोटडी व्यास की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता 11 से 13 अक्टूबर तक संपन्न हुई, जिसमें खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक जोरदार संघर्ष किया।

    सिरमौर / (कोटडी व्यास )

    फाइनल मुकाबले में कड़ी टक्कर के बावजूद कोटडी व्यास की टीम को मात्र एक गोल से हार का सामना करना पड़ा। अंतिम मिनटों तक मुकाबला बराबरी का रहा, परंतु कंगर धरायर टीम ने निर्णायक गोल कर विजेता का खिताब हासिल किया।

    टीम के खिलाड़ियों और कोच का प्रदर्शन सराहनीय
    टीम के कप्तान पारिश, आर्यन, अंकित, राहुल, लकी, अंश, दिव्यांशु, और पीयूष ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम के कोच बलदेव चौधरी ने बताया कि खिलाड़ियों ने हर मैच में उत्कृष्ट खेल दिखाया और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की क्षमता दिखाई।

    स्कूल और पंचायत ने खिलाड़ियों को दी बधाई
    विद्यालय के प्रिंसिपल रघुवीर तोमर, एसएमसी प्रधान मानसिंह, और पंचायत प्रधान सुरेश कुमार ने खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने घोषणा की कि स्कूल लौटने पर खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा और उम्मीद जताई कि यह टीम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी।

  • अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला के लिए 23 अक्तूबर को होगी प्लाटों की खुली नीलामी

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला के लिए 23 अक्तूबर को होगी प्लाटों की खुली नीलामी

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला, 2025 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार मेला मैदान श्री रेणुका जी में दुकानों और वाणिज्यिक कार्यों हेतु प्लॉटों की खुली नीलामी आयोजित की जाएगी।

    नाहन

    नीलामी की तिथि और समय तय
    तहसीलदार ददाहु जय सिंह ने बताया कि यह नीलामी 23 अक्तूबर, 2025 को प्रातः 11 बजे मेला मैदान श्री रेणुका जी में की जाएगी। नीलामी के दौरान इच्छुक व्यापारी प्लॉटों पर बोली लगा सकेंगे।

    दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया
    उन्होंने कहा कि सफल बोलीदाता को प्लॉट का निर्धारित शुल्क एकमुश्त जमा करवाना होगा। इसके साथ ही आबंटित दुकानदारों को अपना आधार कार्ड और स्थायी पते से संबंधित दस्तावेजों की प्रति मौके पर जमा करनी होगी।

    धार्मिक और व्यापारिक महत्व
    श्री रेणुका जी मेला प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक आयोजन है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां भगवान परशुराम और माता रेणुका जी के दिव्य मिलन के साक्षी बनते हैं। नीलामी के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे।

  • पीजी कॉलेज नाहन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत, परिसर में बनेगी एनएसएस वाटिका

    पीजी कॉलेज नाहन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत, परिसर में बनेगी एनएसएस वाटिका

    विधायक सोलंकी की पहल पर नाहन कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण अभियान, औषधीय पौधों को जोड़ा जाएगा अब संस्कारों से

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और अनूठी पहल की शुरुआत की है। महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कैडेट्स ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया है,

    जिसके तहत कॉलेज परिसर में एक विशिष्ट एनएसएस वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इस अभियान का आगाज महाविद्यालय के प्राचार्य विभव शुक्ला ने स्वयं एक औषधीय पौधा लगाकर किया।

    यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वयंसेवकों ने न केवल एक हरा-भरा उपवन तैयार करने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उसके दीर्घकालिक संरक्षण को भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।

    एनएसएस के नोडल ऑफिसर डॉ. पंकज चांडक ने बताया कि एनएसएस वाटिका बनाने का विचार स्थानीय विधायक अजय सोलंकी द्वारा दिया गया था। विधायक सोलंकी ने इस वाटिका में एक पेड़ मां के नाम लगाकर इसे समाज के संस्कारों में शामिल करने का आह्वान किया था।

    एनएसएस हेड बॉय हर्ष, दीपक और हेड गर्ल मीनाक्षी ने जानकारी दी कि इस वाटिका में औषधीय पौधों के साथ-साथ छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। कैडेट्स का कहना है कि बाद में इन पौधों को महाविद्यालय के छात्रों को वितरित किया जाएगा,

    ताकि वे अपने घर और आस-पास के क्षेत्रों में ‘एक पौधा मां के नाम’ लगाकर इस अभियान को एक महाअभियान का रूप दे सकें।

    एनएसएस के द्वितीय कार्यक्रम अधिकारी ट्विंकल का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल एक दिन पेड़ लगाकर औपचारिकता निभाना नहीं है, बल्कि पेड़ लगाने को संस्कारों में शामिल करते हुए इसे एक स्थायी रिवाज का दर्जा देना है।