Category: Sirmour

  • हरियाणा से हिमाचल के लिए भेजे गए 10 ट्रक राहत सामग्री, भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू किया बड़ा सेवा अभियान

    हरियाणा से हिमाचल के लिए भेजे गए 10 ट्रक राहत सामग्री, भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू किया बड़ा सेवा अभियान

    भारी बारिश और आपदा से जूझ रहे हिमाचल के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राहत सामग्री भेजी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंचकूला से 10 ट्रकों को रवाना किया, जिनमें चावल, आटा, दाल, चीनी, मसाले, 1000 कंबल और 1021 गद्दे शामिल हैं।

    नाहन

    भाजपा की सेवा भावना से प्रभावित क्षेत्र में पहुँची मदद
    हिमाचल प्रदेश में आई आपदा से भारी तबाही हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में आयोजित बैठक में कहा कि भाजपा कार्यकर्ता दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं और प्रदेश की जनता को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

    हरियाणा सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता
    डॉ. बिंदल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने रविवार सुबह 10 राहत ट्रकों को हिमाचल के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह खेप शाम तक नूरपुर पहुँचेगी और शुक्रवार को चंबा के प्रभावित परिवारों में बाँटी जाएगी।

    राहत सामग्री का भंडारण और वितरण केंद्र बनाए गए
    डॉ. बिंदल ने बताया कि ऊना, किरतपुर और सुंदरनगर में राहत सामग्री के भंडारण के लिए तीन केंद्र बनाए गए हैं। यहाँ से विशेष सेलों के माध्यम से सामग्री को प्रभावित जिलों तक पहुँचाया जाएगा।

    भाजपा का संकल्प : कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे
    उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संकट में भाजपा हिमाचल की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी कार्यकर्ता लगातार सेवा भाव से कार्य कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता, मनीष चौहान, विक्रम सिंह और चंद्र मोहन शर्मा भी मौजूद रहे।

  • सिरमौर के नोहराधार में भूस्खलन से मचा हाहाकार, 60 बीघा जमीन तबाह

    सिरमौर के नोहराधार में भूस्खलन से मचा हाहाकार, 60 बीघा जमीन तबाह

    सिरमौर जिले के नोहराधार क्षेत्र में चोकर गांव की काटल एससी बस्ती भयंकर भूस्खलन की चपेट में आ गई। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे सरक गया, जिससे लगभग 60 बीघा कृषि और आवासीय भूमि पूरी तरह बर्बाद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इस लैंडस्लाइड का खौफनाक मंजर साफ दिखाई दे रहा है।

    श्री रेणुका जी (नोहराधार)

    आठ घर असुरक्षित घोषित, दस और खतरे में
    भूस्खलन के कारण काटल बस्ती में आठ मकानों में बड़ी दरारें आ गईं, जिन्हें राजस्व विभाग ने असुरक्षित घोषित कर दिया। इन परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। इसके अलावा, दस और मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के घर भी प्रभावित
    विडंबना यह है कि इस आपदा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कई घर भी असुरक्षित हो गए हैं। ग्रामीणों ने सरकार से सुरक्षित आवास और पुनर्वास की मांग की है।

    अधिकारियों ने प्रभावितों को किया शिफ्ट
    राजस्व अधिकारियों और पुलिस टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। डीएसपी संगड़ाह ने बताया कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

  • सिरमौर में बारिश का कहर जारी, 13.27 करोड़ का भारी नुकसान

    सिरमौर में बारिश का कहर जारी, 13.27 करोड़ का भारी नुकसान

    जिला सिरमौर में लगातार हो रही बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। बीते 24 घंटों में ही जिले को 13.27 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    नाहन, सिरमौर

    सड़कें बंद, यातायात बाधित
    भारी बारिश और भूस्खलन से जिले में 120 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। शिलाई में 36, संगड़ाह में 29, राजगढ़ में 22, नाहन में 15 और पांवटा साहिब व सराहां में 9-9 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग को 1.68 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    पेयजल योजनाएं तहस-नहस
    जल शक्ति विभाग की 93 योजनाओं को भारी क्षति पहुंची है। 11.42 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इनमें 80 पेयजल और 13 सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। शिलाई में सबसे ज्यादा 64 योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि नाहन में 24 और राजगढ़ में 4 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।

    पानी का संकट गहराया
    इन योजनाओं के ठप होने से नाहन शहर समेत कई कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं और विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है।

    निजी संपत्तियों को भी नुकसान
    बारिश के कारण नाहन के सुरला, श्रीरेणुकाजी के खालाक्यार और संगड़ाह के भागचंद के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कमरऊ, श्रीरेणुकाजी और संगड़ाह क्षेत्र में 4 मकानों और 6 गौशालाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

  • विशाल तोमर ने डीसी सिरमौर और जल शक्ति विभाग का जताया आभार

    विशाल तोमर ने डीसी सिरमौर और जल शक्ति विभाग का जताया आभार

    सड़क सुरक्षा क्लब के पूर्व अध्यक्ष विशाल तोमर ने जिला सिरमौर के उपायुक्त और जल शक्ति विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हर वार्ड में पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर जनता को राहत देने की इस पहल की सराहना की।

    नाहन

    समय पर उठाया कदम
    तोमर ने कहा कि पेयजल संकट के समय डीसी सिरमौर और जल शक्ति विभाग ने तुरंत कदम उठाए और पानी के टैंकर भेजकर लोगों को राहत दी।

    जल आपूर्ति दुरुस्त करने की कोशिशें
    उन्होंने विभाग द्वारा जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की। उनके अनुसार विभाग लगातार पेयजल संकट से निपटने की दिशा में सक्रिय है।

    नागरिकों से अपील
    तोमर ने आम नागरिकों से पानी के संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि प्रशासन का सहयोग करते हुए पानी का सदुपयोग करना सभी की जिम्मेदारी है।

  • School Closure Sirmour / सिरमौर में 3 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट पर सभी शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

    School Closure Sirmour / सिरमौर में 3 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट पर सभी शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

    मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सिरमौर जिला प्रशासन ने 3 सितंबर को सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। डीसी प्रियंका वर्मा ने आदेश जारी कर ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था करने को कहा है।

    सिरमौर

    भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला ने 3 सितंबर को सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि इससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, पेड़ों के उखड़ने और सड़क बंद होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

    संस्थान और आंगनबाड़ी बंद
    जिला दंडाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 30 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के सभी सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों को भी छुट्टी रहेगी।

    ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प
    आदेश में कहा गया है कि छात्रों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए संस्थानों को ऑनलाइन कक्षाओं के अधिकतम प्रयास करने होंगे। सभी संस्थानों और अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

    कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
    प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें

  • भारी बारिश के कारण सिरमौर में जीवन अस्त व्यस्त , नाहन में पेयजल संकट गहराया

    भारी बारिश के कारण सिरमौर में जीवन अस्त व्यस्त , नाहन में पेयजल संकट गहराया

    सिरमौर जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें बंद, परिवहन बाधित और हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इस बीच नाहन शहर में पेयजल संकट गहराना चिंताजनक स्थिति बन गई है।

    नाहन

    भारी बारिश से सिरमौर में तबाही
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिला की करीब 70 प्रतिशत सड़कें बंद पड़ी हैं और बसों सहित अन्य गाड़ियों का आवागमन ठप हो चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में 250 से अधिक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि इतने ही मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हजारों बीघा जमीन दलदल में तब्दील हो चुकी है और सैंकड़ों पशुशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। कई लोगों की जान भी चली गई है।

    राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
    डॉ. बिंदल ने सरकार से राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मदद दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचनी चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

    नाहन में पेयजल संकट गहराया
    डॉ. बिंदल ने कहा कि नाहन शहर दशकों से पेयजल संकट से जूझता रहा है। खैरी ऊठाऊ पेयजल योजना और नहर स्वार योजना के संवर्धन पर लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि गिरी पेयजल योजना ने जल संकट का स्थायी समाधान किया था। लेकिन विगत 7 दिनों से लगातार बारिश के बावजूद नाहन शहर में पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जो सरकार की लापरवाही दर्शाता है।

    खैरी योजना उपेक्षा की भेंट चढ़ी
    उन्होंने बताया कि गिरी पेयजल योजना के पंप हाउस नदी में अधिक पानी आने से बंद पड़े हैं, जबकि खैरी ऊठाऊ पेयजल परियोजना पिछले डेढ़ साल से जंग खा रही है। यदि इसे कार्यशील रखा जाता तो आज आपात स्थिति में नाहन शहर की प्यास बुझाने का एक अतिरिक्त साधन साबित हो सकती थी।

    सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
    डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार ने न तो नई पेयजल योजना बनाई और न ही पुरानी योजनाओं को ठीक रखा। उन्होंने मांग की कि खैरी ऊठाऊ पेयजल परियोजना को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।

  • प्रदेश के प्रख्यात महंत सोमदत्त गिरी जी का निधन, पत्रकार जगत में शोक की लहर

    प्रदेश के प्रख्यात महंत सोमदत्त गिरी जी का निधन, पत्रकार जगत में शोक की लहर

    वरिष्ठ पत्रकार राकेश नंदन के पिता की पैतृक गांव बांमटा में आज मंगलवार को होगी समाधि रस्म

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन-

    नाहन के प्रसिद्ध विद्वान और प्रख्यात पंडित बाद में महंत सोमदत्त गिरी के नाम से जाने गए श्री सोम दत्त वशिष्ठ जी का निधन हो गया है। बीती रात नाहन मेडिकल कॉलेज में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें साइलेंट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    उनके निधन से पत्रकार जगत में शोक की लहर है, क्योंकि उनके दो बेटों में से एक जिला सिरमौर में वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि दूसरे बेटे वियतनाम में रहते हैं। महंत सोमदत्त गिरी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

    उनका अंतिम संस्कार महंत परंपरा के अनुसार समाधि रस्म आज मंगलवार को उनके पैतृक गाँव बनेठी पंचायत के बामटा में की जाएगी। महंत सोमदत्त गिरी जी के निधन पर जिला सिरमौर के तमाम पत्रकारों ने गहरा दुख और संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

    सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

  • रेणुकाजी के भराड़ी गांव में भूस्खलन से मकान ढहा, 12 लोगों का परिवार बेघर, प्रशासन ने दी मदद का आश्वासन

    रेणुकाजी के भराड़ी गांव में भूस्खलन से मकान ढहा, 12 लोगों का परिवार बेघर, प्रशासन ने दी मदद का आश्वासन

    नौहराधार

    बारिश से बिगड़े हालात
    श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की तहसील नौहराधार के भराड़ी गांव में भारी भूस्खलन ने तबाही मचाई। जोगिंदर सिंह का मकान भूस्खलन की चपेट में आने से आधा ढह गया और शेष हिस्से में गहरी दरारें पड़ गई हैं। परिवार के 12 सदस्य अब पूरी तरह बेघर हो गए हैं। लगातार तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने स्थिति और गंभीर कर दी है।

    बेघर हुए लोग, प्रशासन सक्रिय
    जोगिंदर सिंह और उसका परिवार मजबूरी में घर छोड़ चुका है और अब उनके सामने रात बिताने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।

    प्रशासन का आश्वासन
    एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ा है। नुकसान का आकलन करने के लिए हल्का पटवारी को मौके पर भेजा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि परिवार के पास रहने का ठिकाना नहीं है तो अस्थायी आवास उपलब्ध करवाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर परिवार को रिश्तेदारों तक पहुंचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    क्षेत्र में भारी नुकसान का आकलन जारी
    एसडीएम ने बताया कि भारी बारिश से पूरे उपमंडल में नुकसान हुआ है। तहसीलदार, उप तहसीलदार सहित 21 पटवार सर्कलों के अधिकारी लगातार फील्ड में स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है।

  • सिरमौर में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’, DC ने 2 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश

    सिरमौर में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’, DC ने 2 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश

    छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला, शिक्षकों को भी मिली छुट्टी

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन, (1 सितंबर)-

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सिरमौर जिले के लिए 2 सितंबर, 2025 को जारी ‘रेड अलर्ट’ के बाद, प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है।

    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की अध्यक्ष-सह-उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने आदेश जारी कर 2 सितंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को बंद रखने का निर्देश दिया है।

    उपायुक्त ने बताया कि मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। यह स्थिति भूस्खलन, बाढ़, और सड़कों के अवरुद्ध होने का कारण बन सकती है, जिससे छात्रों और आम जनता के जीवन को खतरा हो सकता है।

    यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत लिया गया है।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के साथ-साथ इन संस्थानों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को भी कल संस्थान में उपस्थित होने से छूट रहेगी।

    हालांकि, उन्हें घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास करने को कहा गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। सभी संबंधित संस्थानों और अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सिरमौर में भारी बारिश का तांडव: एक महिला की मौत, सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

    सिरमौर में भारी बारिश का तांडव: एक महिला की मौत, सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

    प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट, राहत व बचाव कार्य जारी

    नाहन

    हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन, बाढ़ और सड़कों के बाधित होने से जिला में आपातकालीन स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय लोग राहत व बचाव कार्यों में जुटे हैं।

    नौहराधार में भूस्खलन से मकान तबाह, महिला की मौत

    श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के नौहराधार तहसील के तहत आने वाले चौरास गाँव में देर रात हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में एक मकान और गौशाला पूरी तरह से तबाह हो गई। इस हादसे में शीला देवी पत्नी मोहनलाल (निवासी चौरास) की मलबे में दबकर मौत हो गई। गौशाला में मौजूद आठ पशु भी मारे गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला के शव को मलबे से निकाला। प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए की फौरी राहत प्रदान की है।

    प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और 70 से अधिक सड़कें बंद

    भारी बारिश के कारण जिला की कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे 707 कच्ची डांग के पास बंद हो गया है। नाहन-सराहां-कुमारहट्टी-शिमला नेशनल हाईवे भी गांधीग्राम के शिव मंदिर और कनलोग बनेठी सहित कई स्थानों पर अवरुद्ध है। लोक निर्माण विभाग की 70 से अधिक सड़कें बाधित हो चुकी हैं, जिससे हिमाचल पथ परिवहन निगम की 40 से ज्यादा बसें विभिन्न स्थानों पर फंसी हुई हैं।

    बादल फटने और नदी-नालों का विकराल रूप

    भुरेश्वर महादेव मंदिर के समीप देर रात बादल फटने की सूचना मिली, जिससे कई खड़ और नाले उफान पर आ गए हैं। उपतहसील नारग के देवथल के समीप एक गाड़ी के नाले में बह जाने की भी खबर है। दो दिनों से जारी बारिश के चलते गिरी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि गिरी जटोन बैराज के दस में से सात फ्लड गेट खोलने पड़े, जिससे जिला के मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पांवटा साहिब उपमंडल में गिरी और यमुना नदी भी पूरे उफान पर हैं।

    बांगड़ान बस्ती से 50 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले, लिफ्ट सिंचाई योजना को भारी नुकसान

    गिरी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण बांगड़ान बस्ती के 50 से अधिक लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। यह कार्रवाई बांगड़ान पुल के समीप नदी द्वारा भूमि कटाव से उत्पन्न गंभीर खतरे को देखते हुए की गई। इसी दौरान, गिरी नदी के तेज़ बहाव में लिफ्ट सिंचाई योजना (एल.आई.एस.) बांगड़ान नंबर-2 का संपवेल और पाँच सबमर्सिबल पंप सेट बह गए, जिससे सिंचाई ढांचे को भारी क्षति पहुँची है।

    आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल भी चपेट में, फसलें तबाह

    पच्छाद उपमंडल में भी लैंडस्लाइड की घटनाएँ सामने आ रही हैं। नैना टिककर बाल विकास वृत के चांड़ोग आंगनवाड़ी केंद्र भवन लैंडस्लाइड की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसकी पिछली दीवार पूरी तरह ढह गई। केंद्र में रखा सामान, रिकॉर्ड, अनाज और फर्नीचर का भारी नुकसान हुआ है। पास के राजकीय प्राथमिक विद्यालय चांड़ोग भवन में भी पानी घुस गया, जिससे वहाँ भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है।

    सभी शिक्षण संस्थान बंद, प्रशासन अलर्ट पर

    उपायुक्त सिरमौर के निर्देशों के अनुसार, भारी बारिश के चलते सोमवार को जिला के सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे। अध्यापकों को घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश जारी किए गए। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, किसी भी प्रकार की असावधानी न बरतें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। नुक़सान के आकलन और बहाली का कार्य प्राथमिकता पर जारी है।