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  • मंडी में पेंशनर्स की सरकार को चेतावनी यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गयी तो करेंगे प्रदर्शन

    मंडी में पेंशनर्स की सरकार को चेतावनी यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गयी तो करेंगे प्रदर्शन

    HNN/मंडी

    पेंशनर्स की मांगों में हर माह पेंशन के लिए समुचित राशि का अलग से बजट में प्रावधान, संशोधित पेंशन के एरियर्स का भुगतान, जनवरी 2015 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पुनः पेंशन संशोधन, संशोधित पेंशन और डीए के एरियर्स का तुरंत भुगतान, और वर्षों से लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान शामिल हैं।

    बैठक में संगठन के जिला प्रधान अनूप कपूर और महासचिव रोशन लाल कटोच ने कहा कि पेंशनर्स की समस्याएं लंबे समय से सरकार और प्रबंधन के समक्ष विचाराधीन हैं और उन्होंने सरकार से मांग की है कि वे पेंशनर्स के प्रति बेरुखी और संवेदनहीनता को छोड़कर संगठन को वार्ता के लिए बुलाएं और समस्याओं का निवारण करें।

    बैठक में संगठन के जिला प्रधान अनूप कपूर और महासचिव रोशन लाल कटोच ने कहा कि पेंशनर्स की समस्याएं लंबे समय से सरकार और प्रबंधन के समक्ष विचाराधीन हैं और उन्होंने सरकार से मांग की है कि वे पेंशनर्स के प्रति बेरुखी और संवेदनहीनता को छोड़कर संगठन को वार्ता के लिए बुलाएं और समस्याओं का निवारण करें।

  • मौसम साफ होने से आलू की बिजाई में जुटे ऊना के किसान

    मौसम साफ होने से आलू की बिजाई में जुटे ऊना के किसान

    HNN/ऊना

    बीते कुछ दिनों से मौसम साफ होने के बाद आलू की बिजाई ने जोर पकड़ लिया है। किसान इन दिनों जमकर आलू की बिजाई में जुटे हैं। अभी तक 80 प्रतिशत के आसपास इलाकों में बिजाई पूरी हो चुकी है। अगर मौसम साफ रहता है, तो शत-प्रतिशत बिजाई हो जाएगी।

    मौसम की यह स्थिति किसानों के लिए राहत भरी है। ऊना में 2500 से 3000 हेक्टेयर जमीन पर आलू की बिजाई होती है। अगर मौसम साफ रहता है, तो 25 अगस्त से बिजाई शुरू हो जाती है और पांच सितंबर तक लगभग बिजाई पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश के कारण बिजाई करीब 10-15 दिन देरी से शुरू हुई है।

    इसके कारण किसानों की चिंता इस फसल को लेकर बढ़ गई है। दरअसल, ऊना जिला में तैयार होने वाली आलू की फसल पड़ोसी राज्य पंजाब और उत्तर प्रदेश से पहले मंडियों में पहुंचती है, लेकिन इस बार बिजाई में देरी हुई है। इससे अच्छे दाम न मिलने का डर भी बढ़ गया है।

  • हिमाचल सचिवालय में आंदोलन का तेज : कर्मचारी महासंघ ने 17 सितंबर को महासभा का आयोजन किया

    हिमाचल सचिवालय में आंदोलन का तेज : कर्मचारी महासंघ ने 17 सितंबर को महासभा का आयोजन किया

    HNN/शिमला

    हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र से पहले डीए और एरियर की मांग को लेकर आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। महासंघ ने 17 सितंबर को कर्मचारियों की महासभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

    सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि महासंघ ने तय किया है कि कर्मचारियों के मुद्दों पर 17 सितंबर को सचिवालय गेट मीटिंग होगी, जिसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने विधानसभा सत्र के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रिविलेज मोशन के रूप में प्रतिक्रिया मिली है।

    संजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री के पुतले फूंके गए, गालियां दी गई व घेराव किया गया, लेकिन तब भी प्रिविलेज मोशन किसी ने नहीं लाया बल्कि उस समय वार्ता से मामले को सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारी नेताओं के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया है, लेकिन इससे वे डरने वाले नहीं हैं।

  • राज्य कर एवं आबकारी विभाग में 15 अधिकारियों के तबादले

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग में 15 अधिकारियों के तबादले

    सिरमौर से हिमांशु पवार को मंडी भेजा गया तो प्रितपाल सिंह को नॉर्थ जोन जीएसटी पालमपुर का अतिरिक्त कार्यभार।

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला।

    प्रदेश के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अपने 15 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। राज्य कर एवं आबकारी के विशेष सचिव हरबंस ब्रॉस्कोन यह आदेश जारी करते हुए विभिन्न जिलों के अधिकारियों को इधर से उधर किया है।

    जारी आदेशों में आबाकारी विभाग के एक अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।नूरपुर में डिप्टी कमिश्नर एक्साइज का जिम्मा देख रहे प्रीत पाल सिंह को डिप्टी कमिश्नर नॉर्थ जोन जीएसटी पालमपुर का भी अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है।

    वह एक्साइज के साथ जीएसटी भी देखेंगे। वहीं इसके साथ ही जिन अफसरों को इधर से उधर बदला गया है, उनमें विनोद कुमार डोगरा डिप्टी कमिशनर एक्साइज ऊना को बीबीएन बद्दी में जगह दी गई है, जबकि हरीश को मुख्यालय शिमला से बदलकर बिलासपुर भेजा गया है।

    हिमांशु पंवर जो सिरमौर की जिम्मेदारी देख रहे थे, उन्होंने अब मंडी भेज दिया गया है।नरेंद्र सेन कुल्लू की जगह अब ऊना में सेवाएं देंगे, नरेंद्र सेन को वहां आबकारी के साथ सेंट्रल जोन जीएसटी का दायित्व भी दिया गया है। कंवर शाह देव कटोच चंबा से हमीरपुर भेजा गया है।

    वहीं अनुपम कुमार एचपीबीएल मुख्यालय शिमला से कांगड़ा एक्साइज की जिम्मेदारी देखेंगे।वरुण कटोच को हमीरपुर से स्थानांतरित कर सिरमौर भेजा है। मनोज डोगरा को मंडी से बदलकर एक्साइज में कुल्लू भेजा गया है। प्रदीप शर्मा कांगड़ा से एक्साइज शिमला में आएंगे, जबकि टिक्कम राम को मुख्यालय आईटी सेल से एक्साइज चंबा के लिए भेजा गया है।

    शिमला में तैनात विशाल गोरला को यहां से बदलकर डिप्टी कमिश्नर इंफोर्समेंट एंड अलाइड टैक्स के साथ जीएसटी नॉर्थ जोन पालमपुर के लिए तबदील कर दिया गया है। इनके अलावा देवकांत प्रकाश सोलन से बदलकर इंफोर्समेंट एंड अलाइड टैक्स ऊना के पद पर जाएंगे, जिनके पास जीएसटी सेंट्रल जोन ऊना का दायित्व भी रहेगा।

    शिल्पा कपिल को बिलासपुर से बदलकर सोलन भेजा है, जिनके पास जीएसटी साउथ जोन का दायित्व भी होगा। भूप राम शर्मा को मुख्यालय से बदलकर सहायक आयुक्त इंफोर्समेंट एंड अलाइड टैक्स परवाणू लगाया है, जिनके पास साउथ जोन का दायित्व भी परवाणू में रहेगा।

  • कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर 15 दिन में रिपोर्ट तलब

    कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर 15 दिन में रिपोर्ट तलब

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राज्य सचिवालय के कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर पंद्रह दिनों के अंदर रिपोर्ट तलब की है। यह कार्रवाई तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की ओर से दिए गए विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर की गई है। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के पास राजेश धर्माणी की विशेषाधिकार हनन की शिकायत के बाद राज्य सचिवालय प्रशासन के सचिव को इस संबंध में एक चिट्ठी भेजी गई है। इसके साथ धर्माणी की ओर से दिए गए प्रस्ताव की प्रति भी संलग्न की गई है।

    यह जांच रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, वही इस पर अगला निर्णय लेंगे। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को एक पत्र लिखा गया है। इसमें नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री से प्राप्त एक प्रस्ताव पर संजीव शर्मा और अन्य सचिवालय कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों से जवाब मांगा गया है। सचिव ने यह कार्रवाई विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर की है। इस मामले में सचिवलाय प्रशासन से विभागीय जांच-पड़ताल करवाकर इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट विधानसभा सचिवालय को 15 दिन में भेजने को कहा है। उसके बाद यह विषय विधानसभा अध्यक्ष के ध्यान में लाया जाएगा।

    उधर, इस कार्रवाई के बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं महासंघ की बैठक वीरवार को अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में हुई। निर्णय लिया गया कि अब आम सभा को महासभा का रूप दिया जाएगा, जो 17 सितंबर को दोपहर 1ः30 बजे होगी। सभा ने मात्र अपने हकों की बात की थी, जिसे प्रशासन इस प्रकार के हथकंडों के माध्यम से कुचलना चाहता है। महासचिव कमल कृष्ण शर्मा ने कहा कि सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री तो कर्मचारी हितैषी हैं, किंतु कुछ शरारती तत्व मुख्यमंत्री और कर्मचारियों के बीच दुष्प्रचार करने में लगे हैं, जिस कारण कर्मचारियों के प्रति सरकार उदासीन रवैया अपना रही है। सचिवालय अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने विधानसभा के दौरान पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से काम किया है।

  • किसान उत्पादक संगठन पंजीकरण व बीज, खाद, कीटनाशक के लाइसेंस बनवाएं-उप निदेशक

    किसान उत्पादक संगठन पंजीकरण व बीज, खाद, कीटनाशक के लाइसेंस बनवाएं-उप निदेशक

    HNN/नाहन

    कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. राज कुमार ने सिरमौर जिला के किसान उत्पादक संगठनों से सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि संबधी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कृषि उत्पादक संगठन का पंजीकरण व संगठनों से बीज, खाद व कीटनाशक का लाइसेंस बनाने की अपील की है।


    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग में लाइसेंस के लिए आवेदन से संबंधित जानकारी के लिए विकासखंड में कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ अथवा कृषि उपनिदेशक के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।


    उन्होंने बताया कि कृशि उत्पादक संगठन (एफपीओ) सरकार की महत्वपूर्ण योजना है जोकि छोटे किसानों को तकनीकी सेवाओं से लेकर विपणन तक खेती संबधी सभी पहलुओं को कवर करने वाली सेवाएं प्रदान करती है।उन्होंने बताया कि जिला में 13 एफपीओ पंजीकृत है, जिसमें नाबार्ड द्वारा एक, एनसीडीसी द्वारा एक, एसएफएसी द्वारा सात व एनआरएलएम द्वारा चार संगठन पंजीकृत किए गए है।

  • पेंशनरों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर दी चेतावनी

    पेंशनरों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर दी चेतावनी

    HNN/कांगड़ा

    कांगड़ा जिले के धर्मशाला में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ रोष रैली निकालकर प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने अगस्त महीने की पेंशन न दिए जाने और लंबित मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 10 सितंबर तक पेंशन जारी नहीं की गई और हर माह पहली तारीख को पेंशन दिए जाने की घोषणा नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

    पेंशनरों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मांग पत्र भेजा और सरकार से अपनी मांगों को मानने की अपील की। पेंशनरों के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे और इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।

    इस दौरान पेंशनरों ने सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन के आंदोलन का समर्थन किया और मुख्यमंत्री से अपील की कि वे कर्मचारी नेताओं से बात करें और उनकी मांगों को मानें। पेंशनरों को 20 सितंबर को आंदोलन के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।

  • बिलासपुर के 26 विभागों में  ई-ऑफिस व्यवस्था लागू

    बिलासपुर के 26 विभागों में  ई-ऑफिस व्यवस्था लागू

    अक्टूबर माह अंत तक सभी विभागों को ई ऑफिस  से जोड़ने वाला होगा प्रदेश का पहला जिला बिलासपुर

    HNN News बिलासपुर

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन में सभी विभागों को ई —ऑफिस व्यवस्था से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिला के उपायुक्त को अपने-अपने जिलों में ई —ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए निर्देशों की प्रथम पालना में बिलासपुर ने बाजी मार ली है।

    मुख्यमंत्री के आदेशों पर अमल करते हुए जिला बिलासपुर में अब तक 26 विभागों को ई ऑफिस व्यवस्था से जोड़ा जा चुका हैं। जिला प्रशासन अक्टूबर  माह 2024 के अंत तक जिला बिलासपुर के शेष विभागों को ई ऑफिस से जोड़ने वाला प्रदेश का पहला जिला बन जाएगा।

    यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने आगामी 28 सितंबर 2024 को शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक से पूर्व जिला बिलासपुर के उठाए जाने वाले मामलों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस बैठक में जिला के सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष उपस्थित रहे।

    उपायुक्त ने बताया कि ई ऑफिस व्यवस्था लागू होने से अब तक केवल उपायुक्त कार्यालय में ही 5175 ई फाइल बनाए गए हैं। जबकि 89552 ई फ़ाइलें स्थानांतरित की गई हैं और 25995 ई-रसीदें बनाई गई हैं और 11 लाख 22 हजार 20 ई-रसीदें अब तक स्थानांतरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी उपमंडल कार्यालयों और खंड विकास कार्यालय में भी ई-ऑफिस शुरू किया गया है।

    आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि  ई-आफिस एक डिजिटल वर्क प्लेस साल्यूशन है। ई-आफिस प्रणाली सरकारी कार्यालयों में सरल, उत्तरदायी, जवाबदेह और पारदर्शी कार्य करने का माध्यम है। यह प्रणाली निर्णय लेने में शीघ्रता और अधिक प्रभावी प्रक्रिया के लिए अग्रणी रिकार्ड को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सुविधा प्रदान करेगी।

    उपायुक्त ने बताया कि इससे सभी कार्य आनलाइन होगा और पेपर लेस प्रकिया शुरू होगी। सरकार द्वारा ई-आफिस प्रणाली को लागू करने के कदम को दक्षता, उत्पादकता और प्रभावशीलता को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।


  • कर्मचारी नेताओं के खिलाफ प्रिविलेज मोशन

    कर्मचारी नेताओं के खिलाफ प्रिविलेज मोशन

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सचिवालय के 6 कर्मचारी नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते दिनों डीए और एरियर की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान की गईं टिप्पणियों को लेकर संबंधित कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) लाया गया है। इसको लेकर प्रोसीडिंग भी शुरू किए जाने की सूचना है।

    सचिवालय से जुड़े कर्मचारी नेताओं ने बीते दिनों आम सभा के दौरान सरकार के साथ ही कुछ मंत्रियों के खिलाफ कई तरह की बातें की थीं। इस दौरान बाकायदा मंत्री राजेश धर्माणी का नाम लिया गया था। सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन एवं सचिवालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा, महासचिव कमल किशोर शर्मा के साथ ही सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन, चालक संघ और पीए/पीएस एसोसिएशन से जुड़े नेताओं के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया गया है।

    हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी महासंघ जिसके अधीन (सचिवालय की सभी एसोसिएशन) आती हैं, ने अपनी मांगों को लेकर सचिवालय प्रांगण में बीते दिनों आमसभा का आयोजन किया था। इस दौरान डीए व संशोधित वेतनमान का एरियर जारी करने की मांग उठाई गई थी, साथ ही सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल उठाए थे।

    ऐसे में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कर्मचारियों के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, जिस पर कर्मचारी नेताओं ने जनरल हाऊस में उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। उसके बाद कंडक्ट रूल के तहत कुछ कर्मचारी नेताओं को नोटिस भी जारी किए गए थे, जिसका जवाब भी संबंधित कर्मचारी नेताओं द्वारा दे दिया है। ऐसे में देखना होगा कि आगामी दिनों में पूरे मसले पर क्या उभर कर सामने आता है।

  • कांगड़ा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा : किसानों को शिविर में दी गई जानकारी

    कांगड़ा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा : किसानों को शिविर में दी गई जानकारी

    HNN/कांगड़ा

    कांगड़ा जिले के पालमपुर में एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए गए। शिविर में विकास खंड पंचरुखी के 26 और भवारना से 25 महिला किसानों ने भाग लिया। परियोजना निदेशक (आतमा) कांगड़ा डॉ. राज कुमार भारद्वाज ने बताया कि प्राकृतिक खेती से हमारी धरती, वायु और पर्यावरण शुद्ध रहेंगे और लोगों को शुद्ध अनाज मिल सकेगा।

    शिविर में गाजियाबाद से आए सहायक निदेशक डाॅ. मनोज ने प्राकृतिक खेती के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और फसलों की पैदावार भी बढ़ती है। उन्होंने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले घटकों के बारे में भी बताया। शिविर में कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. रामेश्वर कुमार, आतमा के उपनिदेशक डाॅ. सुशील कुमार, डॉ. विशाखा पाल और रोहित संग्राह आदि मौजूद रहे।

    डॉ. राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि जिला में प्राकृतिक खेती कुशल किसान योजना के तहत 7,482 हेक्टेयर भूमि पर 40,842 किसान रसायन मुक्त खेती कर रहे हैं। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ड्रम लेने पर, गोशाला का फर्श पक्का करने, गाय लेने पर अनुदान भी दे रही है। उन्होंने सभी ग्राम किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया और कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले किसान अपनी पंचायत के किसानों को जागरूक करें और कम से कम अपनी पंचायत से एक गांव को प्राकृतिक खेती में परिवर्तित करें।