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मां मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा, विद्यार्थियों से संवाद में मुख्यमंत्री सुक्खू ने सुनाया कक्षा प्रतिनिधि से सीएम बनने तक का सफर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के मैहला में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान अपने जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े कई अनुभव साझा किए। चौथी कक्षा की एक छात्रा ने जब उनसे पूछा कि जीवन में उन्हें सबसे अधिक प्रेरणा किससे मिली, तो मुख्यमंत्री ने अपनी मां को सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। वहीं, बारहवीं कक्षा के छात्र के सवाल पर उन्होंने कक्षा प्रतिनिधि से मुख्यमंत्री बनने तक की अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति अपनाने की सलाह दी।

चंबा/मैहला

चौथी कक्षा की छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने मां को बताया सबसे बड़ी प्रेरणा

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने चार दिवसीय चंबा प्रवास के अंतिम दिन भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मैहला ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और पीएम श्री राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला मैहला के बच्चों से मुलाकात की। बातचीत के दौरान चौथी कक्षा की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके जीवन में सबसे अधिक प्रेरणा देने वाला व्यक्ति कौन है। इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी माताजी उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के अन्य सवालों के भी विस्तार से जवाब दिए।

छात्र चाणक्य ने पूछा राजनीति में आने का कारण

संवाद कार्यक्रम के दौरान बारहवीं कक्षा के छात्र चाणक्य ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा कैसे मिली। मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्र जीवन से ही उनमें नेतृत्व करने की भावना थी और उनका रुझान सरकारी नौकरी की ओर नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा कक्षा प्रतिनिधि बनने से शुरू हुई थी। इसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव जीतने से राजनीति के प्रति उनकी रुचि और बढ़ी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर सक्रिय राजनीति तक पहुंचा।

कक्षा प्रतिनिधि से पार्षद, चार बार विधायक और फिर मुख्यमंत्री बने सुक्खू

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अपने राजनीतिक जीवन के विभिन्न पड़ावों के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने छात्र राजनीति के माध्यम से नेतृत्व का अनुभव प्राप्त किया। कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव जीतने के बाद उन्होंने नगर निगम पार्षद के रूप में भी कार्य किया। इसके बाद वह चार बार विधायक चुने गए और अंततः हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है।

विद्यार्थियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर पूछे भविष्य के सपने

मुख्यमंत्री ने दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर बातचीत की और अपने मन में उठ रहे सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का जवाब देने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी लगन, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति को मूल मंत्र बनाना चाहिए।

छात्रा सुहानी ने उठाया स्कूल में कमरों की कमी का मुद्दा

विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान दसवीं कक्षा की छात्रा सुहानी ने मुख्यमंत्री को विद्यालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की जानकारी दी। उसने अतिरिक्त कमरों के निर्माण का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने दो करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मैहला स्कूल को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल बनाया जाना है और इसके नए भवन के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे में विद्यार्थियों को अपने सवाल सीधे उनके सामने रखने और विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराने का अवसर मिला।