Loading...

शानन प्रोजेक्ट और वाटर सेस पर कानूनी लड़ाई तेज करेगी हिमाचल सरकार, बड़े वकील रखेंगे पक्ष

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

बीबीएमबी के बिजली बकाया विवाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार अब शानन पावर प्रोजेक्ट और वाटर सेस से जुड़े मामलों में कानूनी लड़ाई तेज करेगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शानन परियोजना में प्रदेश का पक्ष रखने के लिए देश के प्रमुख और अनुभवी वकीलों की सेवाएं ली जाएंगी। जलविद्युत परियोजनाओं पर लगाए गए जल उपकर से संबंधित विवाद में भी सरकार मजबूती से पैरवी जारी रखेगी।

शिमला

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बीबीएमबी के पुराने बिजली बकाया मामले में मिली सफलता के बावजूद हिमाचल प्रदेश के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय अभी लंबित हैं। इनमें शानन पावर प्रोजेक्ट का मामला प्रमुख है। प्रदेश सरकार इस परियोजना से जुड़े अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी। प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए बड़े कानूनविदों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि संबंधित कानूनी कार्यवाही में हिमाचल का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके।

स्वामित्व और नियंत्रण को लेकर पुराना विवाद

मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में स्थित शानन जलविद्युत परियोजना के स्वामित्व और नियंत्रण को लेकर हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच लंबे समय से विवाद है। परियोजना का संचालन पंजाब के नियंत्रण में रहा है, जबकि हिमाचल प्रदेश इसके स्वामित्व और अधिकारों पर अपना दावा करता आया है। परियोजना से जुड़ी ऐतिहासिक पट्टा व्यवस्था की अवधि समाप्त होने के बाद अधिकारों का प्रश्न अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। हिमाचल सरकार का कहना है कि प्रदेश की भौगोलिक सीमा और जल संसाधनों से जुड़ी इस परियोजना में राज्य के हितों की प्रभावी रक्षा आवश्यक है।

वाटर सेस मामले में भी जारी रहेगी पैरवी

मुख्यमंत्री ने जलविद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस यानी जल उपकर से जुड़े विवाद में भी कानूनी लड़ाई जारी रखने की घोषणा की है। प्रदेश सरकार ने जल संसाधनों के उपयोग से अतिरिक्त राजस्व जुटाने के उद्देश्य से जल उपकर की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन इसके कानूनी और संवैधानिक पहलुओं को लेकर विवाद पैदा हुआ। राज्य में बड़ी संख्या में जलविद्युत परियोजनाएं संचालित होने के कारण यह मामला हिमाचल के वित्तीय हितों से भी जुड़ा है। सरकार इस मुद्दे पर अपने पक्ष की मजबूती से पैरवी करेगी।

ऊर्जा संसाधनों से आर्थिक लाभ पर जोर

हिमाचल प्रदेश में जलविद्युत उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि जलविद्युत परियोजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों से प्रदेश को अधिक आर्थिक लाभ मिले। शानन पावर प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकार और वाटर सेस का मामला इसी नीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है और सरकार कानूनी रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी। इन विवादों का अंतिम परिणाम संबंधित कानूनी कार्यवाही और सक्षम अदालतों के फैसलों पर निर्भर करेगा।

Related Topics: •