Loading...

Crime / नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पूर्व पंचायत प्रधान को 20 वर्ष का कठोर कारावास, अदालत ने सुनाया फैसला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Crime : नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में किन्नौर के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पूर्व पंचायत प्रधान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में 16 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया है।

रामपुर बुशहर

अदालत ने सुनाई कठोर सजा

किन्नौर के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए 43 वर्षीय आरोपी किशोरी लाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। आरोपी पूर्व में एक पंचायत प्रधान रह चुका है और उसे 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

तांत्रिक विद्या और डर का आरोप

मामले में सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता और उसकी सहेली को तांत्रिक विद्या और मृत्यु के भय का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रभावित किया। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी ने रुद्राक्ष माला और तथाकथित तांत्रिक उपचार का हवाला देकर बच्ची को डराने की कोशिश की और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

घर बुलाकर किया गया अपराध

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने 15 अक्टूबर को नाबालिग छात्रा को अपने घर बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई। विरोध करने पर पीड़िता को दबाव में लेने का प्रयास किया गया और घटना के बाद भी मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई।

नानी को बताने के बाद दर्ज हुआ मामला

घटना के बाद पीड़िता ने अपनी नानी को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान और वैज्ञानिक रिपोर्ट को अदालत में प्रस्तुत किया।

16 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल के अनुसार, अदालत में लगभग 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया। सभी तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

Related Topics: