Cyber Crime / इटली की संपत्ति का वारिस बनाने का झांसा देकर नेरवा के व्यक्ति से 11 लाख रुपये की ठगी
Cyber Crime : शिमला के नेरवा क्षेत्र में एक व्यक्ति से इटली में रहने वाले कथित नि:संतान दंपति की संपत्ति का वारिस बनाने का दावा कर करीब 11 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
शिमला
वारिस बनाने का दावा कर संपर्क किया
शिमला जिले के नेरवा क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता अमर सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वालों ने स्वयं को इटली में रहने वाला नि:संतान दंपति बताया और कहा कि उनके पास इटली में पर्याप्त धन-संपत्ति है तथा वे उन्हें गोद लेकर अपनी संपत्ति का वारिस बनाना चाहते हैं। बातचीत के दौरान आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से शिकायतकर्ता का विश्वास हासिल करने का प्रयास किया।
भारत आने और जांच एजेंसी द्वारा रोके जाने का दावा
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद एक अन्य कॉल में बताया गया कि इटली से आया दंपति भारत पहुंच चुका है, लेकिन उन्हें सीबीआई द्वारा रोक लिया गया है। कॉल करने वालों ने दावा किया कि उन्हें छुड़ाने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए तत्काल धनराशि की आवश्यकता है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता से अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंक खातों और अन्य माध्यमों से राशि भेजने के लिए कहा गया।
करीब 11 लाख रुपये का वित्तीय लेन-देन
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपियों के बताए अनुसार अलग-अलग चरणों में लगभग 11 लाख रुपये विभिन्न खातों और भुगतान माध्यमों के जरिए भेज दिए। बाद में संदेह होने पर उन्होंने पूरे मामले की शिकायत नेरवा थाना पुलिस को दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच जारी
नेरवा थाना पुलिस मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि राशि किन खातों में स्थानांतरित की गई तथा इस प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की कोई भूमिका है या नहीं। मामले की जांच थाना प्रभारी एवं एएसआई स्तर पर की जा रही है।
साइबर ठगी से बचाव के लिए सावधानी आवश्यक
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा संपत्ति, विरासत, लॉटरी, उपहार या अन्य वित्तीय लाभ का दावा किए जाने पर बिना आधिकारिक सत्यापन के किसी भी बैंक खाते में धनराशि स्थानांतरित न करें। संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लेन-देन की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।