Loading...

धर्मशाला में वन्यजीव सप्ताह: नुक्कड़ नाटक और नेचर वॉक से संरक्षण का संदेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 58 Mins Ago • 1 Min Read

धर्मशाला में वन विभाग ने वन्यजीव सप्ताह के तहत लोगों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। कचहरी अड्डा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संरक्षण का संदेश दिया गया, जबकि बर्ड वॉचिंग, नेचर वॉक और पेंटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों, युवाओं तथा स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। अधिकारियों ने इन गतिविधियों को प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास बताया।

धर्मशाला

कचहरी अड्डा धर्मशाला में आयोजित नुक्कड़ नाटक के दौरान फोक मीडिया कलाकारों ने वन्यजीवों के संरक्षण, अवैध शिकार की रोकथाम, वन क्षेत्रों में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और प्राकृतिक आवास सुरक्षित रखने का संदेश दिया। वन अधिकारियों और आम लोगों ने व्हाइट बोर्ड पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संदेश भी लिखे। मुख्य अरण्यपाल बासु कौशल ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्तूबर तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम स्वास्थ्य और आजीविका के संरक्षण के लिए वन्यजीवों का संरक्षण रखी गई है।

स्थानीय जैव विविधता से रूबरू हुए प्रतिभागी

मुख्य अरण्यपाल ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों, युवाओं और स्थानीय लोगों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बर्ड वॉचिंग और नेचर वॉक के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय जैव विविधता, विभिन्न पक्षी प्रजातियों, वनस्पतियों और प्राकृतिक आवासों के बारे में जानकारी दी गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाना और उसमें संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके बिना स्वस्थ एवं संतुलित पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती।

जनभागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

डीएफओ अमित शर्मा ने कहा कि वन्यजीव सप्ताह की गतिविधियां केवल एक सप्ताह तक सीमित जागरूकता अभियान नहीं हैं। इनका उद्देश्य लोगों में प्रकृति संरक्षण की स्थायी भावना विकसित करना और वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना है। उन्होंने लोगों से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में सहयोग करने, जंगलों में स्वच्छता बनाए रखने, वनाग्नि की घटनाओं को रोकने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।

वन्यजीव संरक्षण विषय पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से वन्यजीवों, जंगलों और प्रकृति को बचाने का संदेश प्रस्तुत किया। विभागीय अधिकारियों ने बच्चों और अन्य प्रतिभागियों से संवाद कर संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गर्ल्स धर्मशाला से भावना, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Related Topics: •