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धर्मशाला डायट में पौधारोपण अभियान आयोजित, डीएलएड प्रशिक्षुओं और अध्यापकों ने पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

धर्मशाला स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांगड़ा में डीएलएड प्रशिक्षुओं और अध्यापकों की सहभागिता से पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत औषधीय, फलदार और छायादार पौधे रोपे गए तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां निर्धारित करने के साथ समीक्षा की कार्ययोजना भी तैयार की गई।

धर्मशाला

डायट कांगड़ा में आयोजित हुआ पौधारोपण अभियान

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांगड़ा, धर्मशाला में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीएलएड प्रशिक्षुओं, अध्यापकों तथा संस्थान के अधिकारियों की सहभागिता से पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा उपनिदेशक (क्वालिटी) एवं डीपीओ समग्र शिक्षा तथा डायट कांगड़ा के प्राचार्य भाग सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने डायट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर देवदार का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी प्रतिभागियों से पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।

प्रत्येक दो प्रशिक्षुओं और एक अध्यापक को सौंपी गई जिम्मेदारी

अभियान के दौरान प्रत्येक दो डीएलएड प्रशिक्षुओं ने एक अध्यापक के साथ मिलकर एक पौधा लगाया। संस्थान का उद्देश्य पौधारोपण के साथ प्रशिक्षुओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पौधों की देखभाल, नियमित सिंचाई तथा संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि लगाए गए पौधों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का किया गया रोपण

डायट परिसर में इस अभियान के तहत आंवला, हरड़, भेड़ा जैसे औषधीय पौधों के साथ जामुन, देवदार, आम सहित विभिन्न फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। संस्थान के अनुसार इन पौधों से भविष्य में परिसर की हरियाली बढ़ाने, जैव विविधता को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी। पौधों का चयन स्थानीय परिस्थितियों और उनकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया गया।

पौधों की देखभाल के लिए तैयार की गई कार्ययोजना

कार्यक्रम के दौरान यह निर्णय लिया गया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत प्रत्येक 15 दिन बाद पौधों की वृद्धि और उनकी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी संबंधित प्रशिक्षुओं और अध्यापक को सौंपी गई है, ताकि संरक्षण कार्य नियमित रूप से जारी रहे और पौधों की जीवित रहने की संभावना बढ़ सके।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

कार्यक्रम में राज कपूर, श्रेष्ठा ठाकुर, परवीन कुमार, राजेश बैन्स, डॉ. संजय कुमार, अभिलाषा कुमारी, सुमित शर्मा, मंजू राणा, वंदना सूदन, रेखा रावत, अंजू शर्मा, मांजू धीमान, मीना चौहान, शिल्पा गुलेरिया तथा कार्यालय अधीक्षक सहित संस्थान के अधिकारियों, अध्यापकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि भाग सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से भविष्य में अपने कार्यस्थलों पर भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

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