HPPSC / मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा में डॉ. श्रेया वालिया प्रथम, 166 अभ्यर्थियों का चयन
HPPSC : हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल ऑफिसर (जनरल विंग) भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर 166 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिसमें नगरोटा बगवां की डॉ. श्रेया वालिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कांगड़ा
मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल ऑफिसर (जनरल विंग) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया के आधार पर कुल 166 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त किया जाएगा। यह भर्ती प्रक्रिया राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डॉ. श्रेया वालिया ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के कवाड़ी गांव की निवासी डॉ. श्रेया वालिया ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चंबा से पूरी की है। आयोग द्वारा घोषित मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद उनका चयन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर हुआ है। परीक्षा परिणाम में उनका प्रदर्शन राज्यभर के अभ्यर्थियों में सर्वश्रेष्ठ रहा।
चयन सूची में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
भर्ती परिणाम के आंकड़ों के अनुसार चयनित 166 अभ्यर्थियों में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि चिकित्सा क्षेत्र में महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। चयन सूची में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों का स्थान प्राप्त करना स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। आयोग द्वारा जारी परिणाम में विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों को स्थान मिला है, जिससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित हुआ है।
शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं डॉ. श्रेया
डॉ. श्रेया वालिया एक शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश वालिया इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं। उनके भाई अंशुल वालिया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हैं। डॉ. श्रेया ने कहा कि उनकी शैक्षणिक यात्रा में परिवार के सहयोग के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और संस्थान के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 166 नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में यह भर्ती सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न स्तरों पर आवश्यक पदों को भरने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।