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Education Achievement / शिमला की विपाशा श्रीवास्तव ने निमहैंस पीएचडी प्रवेश परीक्षा में प्राप्त किया प्रथम स्थान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 7 Hours Ago • 1 Min Read

Education Achievement : शिमला की विपाशा श्रीवास्तव ने बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमहैंस) द्वारा आयोजित मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास विषय की अखिल भारतीय पीएचडी प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह परीक्षा देशभर के अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जाती है और इसमें चयनित उम्मीदवारों को शोध कार्य के लिए संस्थान में प्रवेश दिया जाता है।

शिमला

निमहैंस की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में हासिल की उपलब्धि

बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमहैंस) द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास (Mental Health and Rehabilitation) विषय में पीएचडी कार्यक्रम के लिए आयोजित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में शिमला की विपाशा श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। निमहैंस भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोसाइंस, मनोचिकित्सा तथा पुनर्वास अध्ययन के क्षेत्र में देश के प्रमुख संस्थानों में शामिल है। पीएचडी कार्यक्रम में चयन के साथ विपाशा को संस्थान की ओर से फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें शोध कार्य के दौरान शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधी सहायता उपलब्ध होगी।

क्लीनिकल साइकोलॉजी में हासिल की उच्च शैक्षणिक उपलब्धियां

विपाशा श्रीवास्तव ने हाल ही में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), सेक्टर-32 चंडीगढ़ के मनोचिकित्सा विभाग से क्लीनिकल साइकोलॉजी में एम.फिल. की डिग्री उच्च प्रथम श्रेणी में प्राप्त की है। उल्लेखनीय है कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित अखिल भारतीय स्तर की चयन परीक्षा में भी उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया था। क्लीनिकल साइकोलॉजी के क्षेत्र में उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां लगातार उत्कृष्ट रही हैं, जिसके आधार पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन और शोध का अवसर मिला है।

देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों से प्राप्त की उच्च शिक्षा

विपाशा ने पंजाब विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में बीए (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से क्लीनिकल साइकोलॉजी में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य अध्ययन के क्षेत्र में उनकी शैक्षणिक यात्रा विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से जुड़ी रही है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिमला के दयानंद पब्लिक स्कूल तथा लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल में हुई, जहां से उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च अध्ययन के लिए मनोविज्ञान विषय का चयन किया।

मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में पेशेवर सेवाएं दे रहीं विपाशा

विपाशा श्रीवास्तव रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हैं। वर्तमान में वह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कार्यरत हैं और मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, परामर्श तथा पुनर्वास सेवाओं से जुड़े कार्य कर रही हैं। क्लीनिकल साइकोलॉजी और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका अनुभव उन्हें शोध और अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यावहारिक सेवाओं से भी जोड़ता है। पीएचडी के माध्यम से वह मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़े विषयों पर आगे शोध कार्य करेंगी।

परिवार का शिक्षा और पेशेवर क्षेत्र से जुड़ाव

विपाशा के पिता प्रो. अजय श्रीवास्तव हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हैं और लंबे समय तक उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनकी माता मृदुला श्रीवास्तव सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) में डिप्टी जनरल मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। परिवार का शिक्षा और पेशेवर सेवाओं से जुड़ा पृष्ठभूमि होने के कारण विपाशा को प्रारंभ से ही उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त हुआ।