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Employee: 749 टीजीटी की पीजीटी पदोन्नति सूची जारी करने की मांग, देरी पर संघ ने जताया रोष

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Employee: हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षित कला स्नातक संघ ने शिक्षा विभाग में टीजीटी से पीजीटी पद पर लंबित पदोन्नतियों को लेकर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि 749 टीजीटी की पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सूची जारी नहीं की गई। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से हस्तक्षेप कर पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, सचिव विजय हीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय बरवाल, महिला विंग की अध्यक्षा रीता बाल्याणी, राज्य महिला विंग सचिव वंदना कुमारी और राज्य संयुक्त सचिव राम पाल सौंखला सहित जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों ने पदोन्नति में देरी पर सवाल उठाए हैं। संघ के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में टीजीटी अध्यापक करीब 18 से 20 वर्षों से एक ही पद पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि लगभग चार वर्षों से उनकी पदोन्नति का मामला लंबित है। इस अवधि में टीजीटी से पीजीटी पद पर केवल एक बार पदोन्नति हुई है।

वरिष्ठता सूची में विसंगतियों का आरोप

संघ ने आरोप लगाया कि न्यायालय में दिए गए आश्वासन के बावजूद वरिष्ठता से जुड़ी विसंगतियां दूर किए बिना कनिष्ठ टीजीटी को पदोन्नति दी गई। संघ ने CWP OA No. 1695/2019, अजय कुमार बनाम राज्य सरकार मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 अगस्त 2025 की सुनवाई में शिक्षा विभाग ने टीजीटी वरिष्ठता सूची संशोधित करने के बाद पीजीटी पदोन्नति करने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद 23 अगस्त 2025 को कनिष्ठ टीजीटी को पदोन्नत किए जाने से वरिष्ठ अध्यापकों में असंतोष बढ़ा है।

संघ के मुताबिक लगातार मांग उठाए जाने के बाद 749 टीजीटी की पीजीटी पदोन्नति के लिए डीपीसी की गई, लेकिन पदोन्नति सूची अब तक जारी नहीं हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि देरी के कारण कई कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कई अन्य सेवानिवृत्ति के करीब हैं। राज्य संयुक्त सचिव राम पाल सौंखला ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रत्येक कर्मचारी को पदोन्नति की उम्मीद रहती है। समय पर पदोन्नति नहीं मिलने से शिक्षा विभाग की विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

राम पाल सौंखला ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली का उल्लेख करते हुए कहा कि इस निर्णय से कर्मचारियों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा था। उन्होंने मुख्यमंत्री से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार कर इसे जल्द पूरा करने का आग्रह किया। संघ ने कहा कि यदि सितंबर 2025 तक पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई तो कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से सूची शीघ्र जारी कर लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अध्यापकों को राहत देने की मांग की है।

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