FIR / अवैध खैर कटान मामले में डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड निलंबित
FIR / ऊना जिले के कुटलैहड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन लाठियाणी-मंदली पुल को जोड़ने वाले बीहड़ू-डोहक मार्ग के पास कथित अवैध खैर कटान मामले में वन विभाग ने डिप्टी रेंजर संजीव कुमार और फॉरेस्ट गार्ड अतिश कुमार को निलंबित कर दिया है। वन मंडलाधिकारी ऊना विकल्प यादव के अनुसार, गांव डोहक के समीप सामने आए इस मामले की वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं।
ऊना
निर्माणाधीन बीहड़ू-लाठियाणी सड़क के आसपास किए गए निरीक्षण के दौरान करीब 30 खैर के पेड़ जड़ों सहित उखड़े मिले थे। जांच में कई पेड़ों को जेसीबी मशीन की सहायता से उखाड़े जाने के निशान भी सामने आए हैं। मामले में वन विभाग पहले ही थाना बंगाणा में दो नामजद ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा चुका है। खैर के पेड़ों को काटने के लिए एक ठेकेदार को टेंडर दिया गया था, लेकिन सड़क के आसपास के जंगल में भी कथित रूप से पेड़ों का अवैध कटान पाया गया है।
कटान और लकड़ी के परिवहन की जांच
वन विभाग अब यह पता लगा रहा है कि खैर के पेड़ों के कटान और उनकी लकड़ी के परिवहन में किन लोगों की भूमिका रही। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि कटान के दौरान निर्धारित अनुमति और वन नियमों का पालन किया गया था या नहीं। वन मंडलाधिकारी विकल्प यादव ने बताया कि पूरे मामले की जांच पुलिस विभाग के साथ मिलकर की जा रही है। जांच के आधार पर कटान से जुड़े रिकॉर्ड, अनुमति और मौके पर मिली परिस्थितियों का सत्यापन किया जाएगा।
लकड़ी के संबंध में तथ्य जुटा रहा विभाग
जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि मौके से काटे गए या जड़ों सहित उखाड़े गए खैर के पेड़ों की लकड़ी कहां गई। वन विभाग पेड़ों की संख्या, कटान की परिस्थितियों, संबंधित अनुमति के रिकॉर्ड और लकड़ी से जुड़े उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रहा है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि मौके पर मिले सभी पेड़ों का कटान निर्धारित अनुमति के तहत हुआ था या किसी हिस्से में नियमों का उल्लंघन किया गया।