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Fraud / धर्मशाला में बैंक ऋण से जुड़े तीन मामलों में एक व्यक्ति पर धोखाधड़ी के केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 23 Jul 2026 • 1 Min Read

Fraud : धर्मशाला में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के आदेश के बाद एक व्यक्ति के खिलाफ बैंक ऋण से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, स्टील फर्नीचर एवं फैब्रिकेशन यूनिट, होम लोन और वाहन ऋण से संबंधित शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है तथा सभी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धर्मशाला

न्यायालय के आदेश पर तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज

धर्मशाला पुलिस थाना में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के आदेश के बाद एक ही व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 के तहत तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, ये मामले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत प्राप्त न्यायालय के निर्देशों के आधार पर दर्ज किए गए हैं। तीनों शिकायतें बैंक ऋण से संबंधित हैं, जिनमें निर्धारित शर्तों के अनुरूप ऋण अदायगी नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत पर दर्ज हुए मामले

पुलिस के अनुसार, धर्मशाला निवासी संबंधित व्यक्ति ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, धर्मशाला शाखा से अलग-अलग उद्देश्यों के लिए ऋण प्राप्त किया था। बैंक की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि ऋण की निर्धारित किस्तों और शर्तों के अनुसार भुगतान नहीं किया गया। शिकायत के आधार पर बैंक ने न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की।

स्टील यूनिट, होम लोन और वाहन ऋण से जुड़े आरोप

पहले मामले में आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने स्टील फर्नीचर एवं फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने के लिए बैंक से ऋण लिया, लेकिन निर्धारित अवधि में उसकी अदायगी नहीं की। दूसरे मामले में होम लोन के भुगतान में कथित अनियमितता का आरोप लगाया गया है। वहीं तीसरे मामले में वाहन ऋण (व्हीकल लोन) की राशि निर्धारित शर्तों के अनुसार जमा नहीं करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

मामले की पुष्टि करते हुए कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बीर बहादुर ने बताया कि तीनों मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बैंक अभिलेख, ऋण से संबंधित दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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