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Government Decision : हिमाचल सरकार 700 करोड़ रुपये का ऋण लेगी, अवधि 13 साल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Government Decision: हिमाचल सरकार ने अपनी नियमित वित्तीय जरूरतों और विकास कार्यों के लिए बाजार से 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने का फैसला किया है। यह ऋण 13 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा और इस पर 7.56 प्रतिशत ब्याज दर लागू होगी। आरबीआई की नीलामी प्रक्रिया के बाद राशि राज्य सरकार के खाते में आएगी।

शिमला

वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की ओर से ऋण लेने के आशय की अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना 27 अगस्त की है और इसे 29 अगस्त को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसके लिए केंद्र से आवश्यक अनुमतियां मिलने की जानकारी दी गई है। अधिसूचना के अनुसार ऋण की राशि राज्य के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। पहली सितंबर को नीलामी होगी और दो सितंबर को 700 करोड़ रुपये सरकार के खजाने में आने की बात कही गई है।

वेतन और पेंशन के लिए धन की जरूरत

राज्य सरकार को प्रत्येक महीने की शुरुआत में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए करीब 2,200 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त पुराने ऋणों का ब्याज और मूलधन भी चुकाना पड़ता है। सरकारी खजाने पर इन प्रतिबद्ध देनदारियों के दबाव और ट्रेजरी ओवरड्राफ्ट की स्थिति रोकने के लिए नया ऋण लिया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस ऋण की अदायगी 8 जुलाई 2039 तक करनी होगी।

नया ऋण जुड़ने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज का बोझ 1,13,300 करोड़ रुपये से अधिक होने की बात कही गई है। नियमित वित्तीय दायित्वों के कारण सरकार को तय अंतराल पर संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं। वेतन और पेंशन के साथ पुराने ऋणों के ब्याज तथा मूलधन का भुगतान भी सरकारी वित्त पर दबाव बढ़ा रहा है।

राजस्व घाटा अनुदान बंद होने का असर

प्रदेश की वित्तीय मुश्किलों के पीछे केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद होना भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। इस अनुदान के रुकने से राज्य को सालाना आठ से दस हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट का आकार भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 3,586 करोड़ रुपये कम किया गया है।

मौजूदा वित्तीय परिस्थितियों का असर विकास कार्यों और कर्मचारियों तथा पेंशनरों के लंबित भुगतानों पर भी पड़ रहा है। सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन और आय के नए स्रोत तलाश रही है। इसी प्रक्रिया के तहत 700 करोड़ रुपये का नया बाजार ऋण लेने का निर्णय किया गया है।

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