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PENSIONERS / पेंशनभोगी 30 सितंबर 2026 तक जमा कर सकेंगे जीवन प्रमाण-पत्र

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

PENSIONERS / हिमाचल प्रदेश के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी 30 सितंबर 2026 तक अपना जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रदेश कोषागार नियमों और वित्त विभाग के निर्देशों के तहत सरकार ने जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया निर्धारित की है। सामान्य स्थिति में प्रमाण-पत्र जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा, जबकि बायोमेट्रिक सत्यापन में असमर्थ पेंशनभोगियों के लिए मैनुअल प्रमाण-पत्र की व्यवस्था जारी रहेगी।

हिमाचल प्रदेश

राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार पेंशनभोगी अथवा पारिवारिक पेंशनभोगी अपना जीवन प्रमाण-पत्र जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, चिकित्सकीय रूप से अयोग्य ऐसे पेंशनभोगी, जो बायोमेट्रिक सत्यापन करवाने में असमर्थ हैं, संबंधित चिकित्सक से विधिवत प्रमाणित मैनुअल जीवन प्रमाण-पत्र पहले की तरह जमा कर सकेंगे। आधार आधारित प्रमाणीकरण के बाद जीवन प्रमाण पोर्टल से ऑनलाइन जारी डिजिटल प्रमाण-पत्र को वैध प्रमाण-पत्र के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

लोक मित्र केंद्र और मोबाइल से मिलेगी सुविधा

पेंशनभोगी उन कॉमन सर्विस सेंटर और लोक मित्र केंद्रों पर भी जीवन प्रमाण-पत्र बनवा सकते हैं, जहां बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त जीवन प्रमाण पोर्टल का उपयोग करके या अपने मोबाइल उपकरण पर जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जनरेट किया जा सकता है। जीवन प्रमाण के माध्यम से पूरा किया गया बायोमेट्रिक सत्यापन एक वर्ष तक वैध रहेगा।

आईपीपीबी को अधिकृत अभिकरण बनाया

प्रदेश सरकार ने भारतीय डाक भुगतान बैंक यानी आईपीपीबी को जीवन प्रमाण के माध्यम से पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र के सत्यापन और निर्गमन के लिए अधिकृत अभिकरण बनाया है। पेंशनभोगी राज्यभर में स्थित आईपीपीबी की शाखाओं और डाकघरों में यह सेवा प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उनके लिए आईपीपीबी की डोरस्टेप यानी घर-द्वार सत्यापन सेवा का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।