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बेहतर शिक्षा जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है: राज्यपाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 30 May 2026 • 1 Min Read

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने युवाओं में शोध, नवाचार और स्टार्ट-अप संस्कृति को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार तक सीमित न होकर जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तियों का विकास करना भी है।

शिमला

श्री साईं ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पंजाब के पठानकोट स्थित श्री साईं ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर फर्स्ट लेडी जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। समारोह के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न संकायों के स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं तथा संस्थान की लगभग 30 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा में योगदान देने वाले शिक्षाविदों, प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों और अन्य सहयोगियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक भी मौजूद रहे।

शिक्षा को बताया जिम्मेदार नागरिक निर्माण का माध्यम

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने या रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक महत्व तब और बढ़ जाता है जब अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज, समुदाय और राष्ट्र के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पेशेवर जीवन में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और समर्पण को बनाए रखने का आग्रह किया।

नई तकनीकों के अनुरूप कौशल विकास पर दिया जोर

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित प्रणालियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने रोजगार और पेशेवर अवसरों की प्रकृति में व्यापक बदलाव किए हैं। ऐसे परिदृश्य में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सीखने की क्षमता, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान कौशल और नेतृत्व क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलती तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार अद्यतन रखना चाहिए ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार रह सकें।

शोध और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, नवाचार और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार आधारित उद्यमों और रोजगार सृजन की दिशा में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ युवाओं को उठाना चाहिए।

सामाजिक चुनौतियों के समाधान में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण, नशा, बेरोजगारी और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षित युवाओं की इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवा अपने ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार आधारित सोच के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकते हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत प्रगति के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में भी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

संस्थान की उपलब्धियों पर डाला प्रकाश

कार्यक्रम के दौरान साईं संस्था के अध्यक्ष एवं श्री साईं यूनिवर्सिटी, पालमपुर के कुलपति एस.के. पुंज ने संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा और शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक छोटे शैक्षणिक प्रयास के रूप में शुरू हुआ संस्थान समय के साथ विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय स्तर तक विस्तारित हुआ है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। इससे पूर्व साईं ग्रुप के मुख्य प्रबंध निदेशक कंवर तुषार पुंज ने राज्यपाल का स्वागत किया। इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नवदीप सेनवाल ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की उपाध्यक्ष रिया पुंज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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