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ग्रीन पंचायत योजना के तहत कांगड़ा में 500 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित, पंचायतों को मिलेगा स्थायी राजस्व

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ग्रीन पंचायत योजना के तहत कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुब्बर (परगोड) में 500 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है, जो कमीशनिंग के अंतिम चरण में है। योजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ पंचायतों को नियमित आय, स्थानीय विकास कार्यों और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

धर्मशाला

ग्रीन पंचायत योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजना अंतिम चरण में

हिमाचल प्रदेश सरकार की ग्रीन पंचायत योजना के अंतर्गत कांगड़ा जिले के लंज के समीप ग्राम पंचायत गुब्बर (परगोड) में 500 किलोवाट क्षमता का ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। परियोजना वर्तमान में कमीशनिंग के अंतिम चरण में है और शीघ्र ही बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंचायतों की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

100 पंचायतों में स्थापित होंगे सौर ऊर्जा संयंत्र

ग्रीन पंचायत कार्यक्रम के तहत प्रदेश की 100 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक परियोजना पर लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। प्रत्येक संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन परियोजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि, कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा क्षेत्र में हरित संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

राजस्व साझाकरण मॉडल से पंचायतों को मिलेगा लाभ

योजना की प्रमुख विशेषता इसका राजस्व साझाकरण मॉडल है। परियोजना से प्राप्त राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश सरकार को तथा 30 प्रतिशत राशि हिमऊर्जा को संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए निर्धारित की गई है। शेष 50 प्रतिशत राशि स्थानीय स्तर पर उपयोग की जाएगी, जिसमें 25 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायत के विकास कार्यों तथा 25 प्रतिशत राशि पंचायत क्षेत्र के अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के आर्थिक सहयोग के लिए निर्धारित है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ सामाजिक और सामुदायिक विकास को भी बढ़ावा देना है।

गुब्बर परियोजना से पंचायत को होगी नियमित आय

हिमऊर्जा के परियोजना अधिकारी अरुण भारद्वाज ने बताया कि ग्राम पंचायत गुब्बर में स्थापित 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट के लिए लगभग 20 कनाल भूमि का उपयोग किया गया है। परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उत्पादित बिजली का विक्रय हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के साथ हुए समझौते के तहत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से पंचायत को प्रतिमाह लगभग 1 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। कांगड़ा जिले में इस प्रकार की 15 से 20 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

ग्रामीण विकास और हरित ऊर्जा को मिलेगा प्रोत्साहन

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना से पंचायत को मिलने वाली आय स्थानीय विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी सरकारी भूमि पर स्थापित किए जा रहे सौर ऊर्जा संयंत्रों से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, पंचायतों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। आने वाले समय में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की चयनित पंचायतों में भी 500 किलोवाट क्षमता के ऐसे संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

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