मुख्यमंत्री ने जोल सप्पड़ में 35 करोड़ रुपए से बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास किया
प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रही है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में 35 करोड़ रुपये लागत के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास किया गया, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह से जोल सप्पड़ परिसर में विभिन्न विभागों का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
हमीरपुर
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास, निर्माण कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला हमीरपुर के जोल सप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नए परिसर में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्मित अस्पताल ब्लॉक, अकादमिक ब्लॉक तथा परिसर में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), लोक निर्माण विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल और अकादमिक ब्लॉक को शीघ्र मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को हस्तांतरित करने तथा विभागों के स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
जुलाई के पहले सप्ताह से जोल सप्पड़ परिसर में शुरू होगा संचालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभागों का संचालन जुलाई 2026 के पहले सप्ताह से नए परिसर में शुरू करने की योजना है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं, उपकरणों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य विकास कार्यों, भवनों की उपलब्धता, विभागीय स्थानांतरण और स्थानीय आवश्यकताओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और निर्माण एजेंसियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न भवनों की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों की जानकारी भी दी।
मेडिकल कॉलेजों की लैब्स के आधुनिकीकरण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रही है। इस धनराशि से विभिन्न लैब्स में नई तकनीक आधारित उपकरण और अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे जांच सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा सहित अन्य संस्थानों में वर्षों पुराने उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक मशीनों से बदला जाएगा। इससे चिकित्सा परीक्षणों, शोध कार्यों और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन उपलब्धता बढ़ाने पर भी कार्य कर रही है। इसके तहत डॉक्टरों, प्रोफेसरों, नर्सों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं के संचालन को मजबूती मिलेगी। इससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को भी बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश भारती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने निर्माणाधीन परियोजनाओं और संस्थान की वर्तमान आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।