हरोली में 36.05 करोड़ की 10 योजनाएं, 205 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा
हरोली विधानसभा क्षेत्र में 36 करोड़ पांच लाख 62 हजार रुपये की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को आठ योजनाएं जनता को समर्पित कीं और दो नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लोकार्पित सिंचाई योजनाओं से कुल 205 हेक्टेयर भूमि को सुविधा मिलेगी, जबकि टाहलीवाल में 24 करोड़ 10 लाख 44 हजार रुपये से बनने वाली सीवरेज योजना से करीब पांच हजार लोगों को लाभ पहुंचेगा।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
उपमुख्यमंत्री ने टाहलीवाल नगर की सीवरेज योजना का शिलान्यास करने के साथ पुरानी जलापूर्ति योजना के हेरिटेज ढांचे के संरक्षण कार्य की भी आधारशिला रखी। तीन करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपये की इस परियोजना के तहत पुराने ढांचे का संरक्षण, नया पंप हाउस, चारदीवारी और जल शक्ति विभाग के योजना परिसर में नाली का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों का उद्देश्य ऐतिहासिक जलापूर्ति ढांचे को सुरक्षित रखते हुए परिसर की मौजूदा सुविधाओं में सुधार करना है।
पांच लिफ्ट सिंचाई योजनाएं जनता को समर्पित
गोंदपुर जयचंद के बेहली में एक करोड़ 10 लाख रुपये, अपर क्षेत्र में एक करोड़ 24 लाख रुपये, नंगल कलां में एक करोड़ 25 लाख रुपये, बिलना में एक करोड़ चार लाख रुपये और अजौली में एक करोड़ आठ लाख रुपये से तैयार लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन पांचों योजनाओं से कुल 124 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे संबंधित क्षेत्रों में कृषि भूमि तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अतिरिक्त कांटे में 96 लाख रुपये, हरोली में सहकारी सभा के निकट एक करोड़ सात लाख 89 हजार रुपये और खड्ड में 90 लाख रुपये की लागत से पूरे किए गए कार्य भी जनता को समर्पित किए गए। खड्ड में ट्यूबवेल नंबर 32 के स्रोत, राइजिंग मेन और वितरण प्रणाली में सुधार किया गया है। इन तीनों कार्यों से क्रमशः 26, 30 और 25 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
लाजपत राय वाटर वर्क्स बनेगा हेरिटेज म्यूजियम
उपमुख्यमंत्री ने टाहलीवाल में वर्ष 1949 में स्थापित ऐतिहासिक लाजपत राय वाटर वर्क्स परिसर का निरीक्षण भी किया। इसे वाटर सप्लाई हेरिटेज म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा। पुराने पंप हाउस, विंटेज पंपिंग मशीनरी और तत्कालीन जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी विरासत का पुनर्संरक्षण कर उसे संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूजियम बनने के बाद यह परिसर पेयजल व्यवस्था के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को संजोने के साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
लाजपत राय वाटर वर्क्स का उद्घाटन 6 दिसंबर 1949 को तत्कालीन पूर्वी पंजाब के राज्यपाल सर चंदूलाल एम. त्रिवेदी ने किया था। यह योजना उस समय बीत क्षेत्र के 31 गांवों की करीब 20 हजार आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बनाई गई थी। इसमें इंग्लैंड से मंगवाए गए 156 हॉर्स पावर के दो रस्टन डीजल इंजन लगाए गए थे, जिनसे वर्ष 1974 तक पेयजल आपूर्ति की गई। ऐतिहासिक पंप हाउस और उस दौर की मशीनरी अब भी सुरक्षित है।