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सुरक्षित बचपन अभियान: ऊना के 13 स्कूलों में 2,407 प्रतिभागी हुए जागरूक

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ऊना जिले के 13 सरकारी और निजी विद्यालयों में सुरक्षित बचपन अभियान-2026 के तहत आयोजित विशेष कार्यक्रमों में 2,407 प्रतिभागियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

अभियान के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ऊना नेहा शर्मा ने डीएवी सेंटेनरी स्कूल ऊना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-IV ऊना उर्वशी ने आदर्श पब्लिक स्कूल पंडोगा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-II अम्ब तान्या ने मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऑफ साइंस अम्ब और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-III अम्ब सोना ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलरूही में विद्यार्थियों को बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित जानकारी दी।

इसी क्रम में पैनल अधिवक्ता केशव कुमार चंदेल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तेऊरी, रेनू शर्मा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अजौली और ज्योति किरण ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समूर कलां में कार्यक्रम आयोजित किए। उपमुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता परवीन ने संस्कार भलेती स्कूल बंगाणा, सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता विकास लोहिया ने डीएवी पब्लिक स्कूल लठियाणी और सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता परवीन कुमारी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नंगल कलां में विद्यार्थियों को जागरूक किया।

पैनल अधिवक्ता नेहा पुरी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला कलां, शिखा ने एसबीएस मेमो पब्लिक स्कूल सोहारी और राकेश कुमार ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भद्रकाली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, कानूनी सुरक्षा उपायों और शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में बताया गया। सभी कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 2,407 प्रतिभागियों तक अभियान की जानकारी पहुंचाई गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना है, ताकि उनके लिए सुरक्षित, संरक्षित और सशक्त बचपन सुनिश्चित किया जा सके।