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ऊना में ‘आपदा रक्षक’ ऐप का प्रशिक्षण, 301 प्रतिभागियों ने सीखी आपात सूचना प्रणाली

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ऊना जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था और पूर्व चेतावनी प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ तथा ‘व्हेयर टू प्लांट बॉट’ पर ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सुबह और शाम के दो सत्रों में सरकारी विभागों, पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कुल 301 प्रतिभागियों को इन डिजिटल माध्यमों के उपयोग और आपात स्थिति में त्वरित सूचना साझा करने की प्रक्रिया समझाई गई।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

प्रशिक्षण में आर्यभट्ट जियो-इन्फॉर्मेटिक्स एवं स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, शिमला के डॉ. मनोज शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में दोनों डिजिटल पहलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनके प्रभावी उपयोग से आपदा संबंधी सूचनाओं का तेजी से प्रसार किया जा सकता है। इससे जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने में सहायता मिल सकती है।

सुबह के सत्र में 229 प्रतिभागी हुए शामिल

प्रशिक्षण के पहले सत्र में 229 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न कार्यालयों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी और कर्मचारी, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा शिक्षा क्षेत्र से प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक, मुख्य शिक्षक, जेबीटी, स्कूल शिक्षक और अन्य स्टाफ शामिल रहा। शाम के दूसरे सत्र में 72 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें जिला और खंड स्तर के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, तकनीकी सहायक तथा विभिन्न विभागों के फील्ड कर्मचारी शामिल थे।

दूसरे सत्र में पंचायत निरीक्षकों, जल शक्ति विभाग के फिटर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के लाइनमैन, लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारियों, आपदा मित्रों, युवा आपदा मित्रों और जिला आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र के स्टाफ ने भी प्रशिक्षण लिया। गैर-सरकारी संगठनों, पंचायत स्तरीय आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों और अन्य स्वयंसेवकों को आपात परिस्थितियों में डिजिटल माध्यमों से सूचना प्राप्त करने और उसे समय पर साझा करने के महत्व से अवगत कराया गया।

उपायुक्त ने नियमित उपयोग की अपील की

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवकों और आम लोगों से ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ इंस्टॉल कर नियमित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। डिजिटल माध्यम सूचनाओं के त्वरित प्रसार, जन-जागरूकता बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उपायुक्त ने सभी विभागों और संबंधित संस्थानों से इन डिजिटल पहलों का व्यापक प्रचार करने तथा लोगों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक बनाने को कहा। जिला प्रशासन ने भी आम जनता से आपदा प्रबंधन से संबंधित डिजिटल माध्यम अपनाने और सुरक्षित, जागरूक तथा आपदा-सक्षम समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। प्रशासन के अनुसार सही और समयबद्ध जानकारी त्वरित कार्रवाई, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव जीवन की रक्षा में सहायक हो सकती है।