शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने आईपीएस अधिकारी संजीव रंजन ओझा को CID प्रमुख के पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह को CID प्रमुख नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि सूचनाएं लीक होने और विवादों के कारण ओझा को पद से हटाया गया। अब संजीव रंजन ओझा ‘महानिदेशक कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं’ के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
बिलासपुर गोलीकांड सुलझाने का इनाम
सरकार के इस फैसले को बिलासपुर गोलीकांड सुलझाने के इनाम के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के आदेशों के तहत अन्य पुलिस अधिकारियों के दायित्व भी बदले गए हैं।
CID में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
- ADG अजय यादव को क्राइम विंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- ADG जय प्रकाश सिंह को सशस्त्र पुलिस और प्रशिक्षण का दायित्व दिया गया है।
- 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा को डीआईजी दक्षिण रेंज के पद पर पदोन्नति मिली है।
ज्ञानेश्वर सिंह का अनुभव और उपलब्धियां
- केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान डिप्टी डीजी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के रूप में कार्यरत रहे।
- 2023 में 1500 किलो हेरोइन जब्त करने वाले ऑपरेशन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्पेशल ऑपरेशन मेडल’ मिला।
- 2024 में भारतीय नौसेना, गुजरात एटीएस और एनसीबी के संयुक्त ऑपरेशन में 3300 किलो मादक पदार्थ की सबसे बड़ी जब्ती के लिए फिर से ‘स्पेशल ऑपरेशन मेडल’ मिला।
- एन कोर्ड (N-CORD) पोर्टल की स्थापना की, जो मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सभी राज्यों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
हिमाचल में बढ़ते नशे के खिलाफ जिम्मेदारी
सरकार ने CID प्रमुख के रूप में ज्ञानेश्वर सिंह को हिमाचल में बढ़ते चिट्टा (ड्रग्स) के खतरे से निपटने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। उम्मीद की जा रही है कि उनके अनुभव से प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को नई गति मिलेगी।
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